दिल्ली के इंद्रलोक इलाके में दिनदहाड़े हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की हथियारबंद लूट की वारदात को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है. इस सनसनीखेज वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि लूट की पूरी साजिश पीड़ित की कंपनी में काम करने वाले एक कर्मचारी ने ही रची थी. कर्मचारी ने ही कैश की आवाजाही और लोकेशन की जानकारी अपने आपराधिक साथियों तक पहुंचाई थी.
दिल्ली पुलिस की थाना सराय रोहिल्ला, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मामले में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार लिया है. इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस ने लूटी गई रकम में से 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं. वारदात में इस्तेमाल बाइक और स्कूटी भी जब्त कर ली गई है, जबकि आरोपियों की कार की पहचान कर ली गई है.
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस के मुताबिक, 10 जून 2026 को शिकायतकर्ता नितिन अपने साथी करण के साथ स्कूटी पर करीब 1.5 करोड़ रुपये कैश लेकर जा रहा था. जब दोनों सराय रोहिल्ला इलाके में जखीरा फ्लाईओवर के पास पहुंचे तो एक लाल रंग की पल्सर बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया.
जांच में क्या सामने आया?
जांच में पता चला कि आरोपी वारदात से पहले पश्चिम विहार इलाके से पीड़ित का पीछा कर रहे थे. लूट के बाद वे पंजाबी बाग की तरफ भागे. CCTV से खुलासा हुआ कि लूट में सिर्फ बाइक ही नहीं, बल्कि एक स्कूटी और मारुति स्विफ्ट कार का भी इस्तेमाल किया गया था. इससे साफ हुआ कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं बल्कि पहले से बनाई गई साजिश थी.
जांच में पुलिस को पता चला कि शिकायतकर्ता के साथ मौजूद करण ही आरोपियों को कैश की हर मूवमेंट और लाइव लोकेशन भेज रहा था. करण ने लालच में आकर अपने साथी वीरेश और मनप्रीत उर्फ ट्विंकल को कंपनी के कैश की जानकारी दी थी. इसके बाद आरोपियों ने रास्ते की रेकी की और करण की भेजी लोकेशन के आधार पर पश्चिम विहार से इंद्रलोक तक नितिन का पीछा किया.
पुलिस ने सबसे पहले स्कूटी मालिक से जुड़े दो नाबालिगों को रघुबीर नगर नाले के पास से पकड़ा. पूछताछ में उन्होंने स्कूटी वीरेश उर्फ वीरू को देने की बात बताई. इसके बाद वीरेश को 20 जून को गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास पकड़ा गया. उसकी निशानदेही पर मनप्रीत उर्फ ट्विंकल को भी गिरफ्तार किया गया.
पूछताछ में सामने आया कि करण भी इस साजिश में शामिल था. करण को भी गीता कॉलोनी इलाके से पकड़ा गया. आगे की जांच में मनप्रीत के पिता चरणजीत सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे 21 जून को विकासपुरी फ्लाईओवर के पास गिरफ्तार किया गया.
कार के मालिक की पहचान के बाद पुलिस को दो और आरोपियों विक्की और धीर सिंह का पता चला. वारदात के बाद दोनों दिल्ली से निकलकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब होते हुए जम्मू पहुंच गए.
गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन हैं?
- विक्की उर्फ गंजा (41 साल) – तिलक नगर का रहने वाला, पहले 9 आपराधिक मामलों में शामिल, नशे का आदी.
- धीर सिंह (43 साल) – चंदर विहार निवासी, पहले 18 आपराधिक मामलों में शामिल.
- वीरेश उर्फ वीरू (29 साल) – तिलक नगर निवासी.
- करण (26 साल ) – पीड़ित की कंपनी में कर्मचारी.
- मनप्रीत उर्फ ट्विंकल (30 साल) – प्रॉपर्टी डीलर.
- चरणजीत सिंह (56 साल) – मनप्रीत का पिता, इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है.
दो नाबालिग आरोपी भी हैं जिन्होंने बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराई. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस पूरी कार्रवाई में तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और लगातार पीछा करने वाली टीमों की अहम भूमिका रही.
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