दिल्ली पुलिस की एक महिला हेड कॉन्स्टेबल ने ऐसा काम किया है, जिसने कई परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी है. दक्षिण-पूर्वी जिले के जैतपुर थाने में तैनात महिला हेड कॉन्स्टेबल चंचल ने महज 12 महीनों में 119 लापता बच्चों को तलाश कर उनके परिवारों तक पहुंचाया है. इसके अलावा उन्होंने 16 अन्य लापता लोगों को भी खोज निकाला है.
41 बच्चे 14 साल से भी छोटे थे
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, चंचल ने नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच यह उपलब्धि हासिल की है.
चंचल ने इस दौरान जिन 119 बच्चों को ढूंढा, उनमें से 41 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 14 साल से कम थी, जबकि 78 बच्चे 14 से 18 साल की उम्र के बीच के थे.
ऐसे मिली कामयाबी
लापता बच्चों को खोजने के लिए चंचल ने लगातार जांच और फॉलोअप किया. इसके लिए पुलिस की खुफिया जानकारी, तकनीकी मदद और दूसरे राज्यों की एजेंसियों के साथ तालमेल का सहारा लिया गया.
उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों के चाइल्ड केयर होम, एनजीओ और चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा. इसी कोशिश के चलते कई लापता बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तलाशा जा सका.
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परिवारों का इंतजार हुआ खत्म
लापता बच्चे के परिवार के लिए उसका इंतजार करना कितना मुश्किल होता है, इसका अंदाजा लगाना भी आसान नहीं है. ऐसे में 119 बच्चों को तलाश कर उनके परिवारों से मिलवाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि महिला हेड कॉन्स्टेबल चंचल की मेहनत और जांच करने के तरीके से न सिर्फ बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिली, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके शोषण और तस्करी को रोकने की दिशा में भी अहम योगदान मिला है.
दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी ने महिला हेड कॉन्स्टेबल चंचल के इस काम की सराहना की है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनकी यह उपलब्धि दूसरे पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा है.
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