विज्ञापन

दिल्ली से नोएडा और पुणे तक… देश के सबसे चर्चित लग्जरी कार हादसे, कब‑कैसे रईसजादों ने लील ली जिंदगियां

दिल्ली से नोएडा और पुणे तक, हैदराबाद की फेरारी टक्कर से लेकर दिल्ली के बीएमडब्ल्यू और पुणे के पोर्शे मामलों तक लग्ज़री गाड़ियों के तेज़ रफ्तार हादसों ने सड़क सुरक्षा, जांच और जिम्मेदारी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं.

दिल्ली से नोएडा और पुणे तक… देश के सबसे चर्चित लग्जरी कार हादसे, कब‑कैसे रईसजादों ने लील ली जिंदगियां
  • हैदराबाद में Ferrari की दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए, ब्रेक या इंजन खराबी की संभावना जांच में सामने आई
  • पुणे के पोर्शे हादसे में नाबालिग ड्राइवर के शराब पीने पर केस दर्ज हुआ, आरोपी को वयस्क मानकर ट्रायल की मांग हुई
  • दिल्ली के धौला कुआं में BMW तेज गति से दुर्घटनाग्रस्त हुई, मृतक को समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने का आरोप है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

चमचमाते शोरूम की चमक‑दमक में खरीदी गई सुपरकारें जब शहर की आम सड़कों पर अंधाधुंध फर्राटा भरती हैं, तो एक्सेलरेटर की एक गलती सायरनों की चीख में बदल जाती है. हैदराबाद के जुबली हिल्स में फेरारी की तड़तड़ाती टक्कर हो या दिल्ली‑पुणे जैसे बड़े शहरों में लग्ज़री पहियों से हुई ये सनसनीखेज दुर्घटनाएं, हर बार कहानी वही दिखती है. पावर और ऊंचे रसूख की धौंस, ज़िंदा सड़कों की हकीकत से टकराती है. और नतीजा, कई जिंदगियां खत्म और सवाल उठता हुआ कि क्या हमारी सड़कें, हमारी सोच और हमारा सिस्टम इस बेपरवाह रफ्तार के लिए तैयार हैं. हैदराबाद के जुबली हिल्स में 3.5–4 करोड़ की Ferrari बेकाबू होकर डिवाइडर के इलेक्ट्रिक पोल से टकराई और सामने से आती कार में जा घुसी, इस लग्जरी कार हादसे में 3 लोग घायल हुए. शुरुआती जांच में ब्रेक/इंजन खराबी की संभावना और अल्कोहल टेस्ट निगेटिव की बात सामने आई है; पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस बीच एक बार फिर सवाल उठ रहा है, क्या हाई‑परफॉर्मेंस वाली लग्जरी कारें शहर की सड़कों की हकीकत, तेज रफ्तार का यह मेल, हमारी सुरक्षा के साथ खेल रहा है? जवाब ढूंढने के लिए पिछले कुछ बड़े मामलों की तरफ देखते हैं.

पुणे का चर्चित पोर्शे कार हादसा

19 मई 2024 को पुणे के कल्याणी नगर इलाके में नाबालिग लड़के ने पोर्शे कार से एक मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी. इस हादसे में दो आईटी प्रोफेशनल को जान गंवानी पड़ी. हादसे के वक्त कार चला रहा 17 साल का लड़का शराब के नशे में था. दुर्घटना के कुछ घंटे बाद ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने नाबालिग को कुछ नरम शर्तों के साथ जमानत दे दी. जिनमें से एक शर्त यह थी कि वह सड़क दुर्घटनाओं पर 300 शब्दों का निबंध लिखे. इस फैसले की देशभर में जमकर चर्चा हुई, जिससे इस मामले ने तूल पकड़ा और हर जगह ये छा गया.

Latest and Breaking News on NDTV

इसके बाद नाबालिग की जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उसे ऑब्जर्वेशन होम में भेज दिया. पुलिस ने नाबालिग को व्यस्क मानकर केस चलाने की इजाजत मांगी. केस का दायरा भी बढ़ाया गया और उसके पिता और दादा की भी कथित सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तारी हुई. इसके अलावा नाबालिग को शराब परोसने वाले बार के मालिक को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया. जांच में पाया गया कि कार में सवार सभी नाबालिगों के माता-पिता ने ब्लड सैंपल बदलने की कोशिश की ताकि ये साबित नहीं हो सके कि उनके बच्चे शराब के नशे में थे.

जुलाई 2025 में मुख्य आरोपी बतौर वयस्क ट्रायल से बच गया. क्योंकि JJB ने कहा था कि नाबालिग पर जो आरोप हैं उसमें उसे 7 साल या उससे ज्यादा की जेल नहीं हो सकती है. नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की मां शिवानी अग्रवाल को अंतरिम जमानत दे दी. शिवानी कथित तौर पर ब्लड सैंपल बदलने के आरोप में 10 महीने से जेल में थी. 2 फरवरी 2026 सुप्रीम कोर्ट ने ब्लड सैंपल में छेड़छाड़ के तीनो आरोपी आशीष मित्तल, आदित्य सूद और अमर गायकवाड़ को जमानत दे दी. ये तीनों 18 महीने से जेल में बंद थे. 

ये भी पढ़ें : 18 महीने से जेल में बंद हैं, इसलिए जमानत दे रहे.. पुणे पोर्शे मामले के आरोपी आदित्य को SC ने दी बेल

धौला कुआं बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट मामला

दिल्ली के धौला कुआं बीएमडब्ल्यू रोड एक्सीडेंट मामले में पाटियाला हॉउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट का पिछले महीने ही संज्ञान लिया. कोर्ट ने मामले में आरोपी गगनप्रीत कौर को 2 फरवरी को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है. धौला कुआं बीएमडब्ल्यू दुर्घटना में वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह की मौत हो गई थी. 14 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे धौला कुआं के पास यह हादसा हुआ, जिसमें गुरुग्राम निवासी गगनप्रीत मक्कड़ की बीएमडब्ल्यू तेज स्पीड में मेट्रो पिलर से टकराई, पलटी खाई और नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से भिड़ गई, जिसमें नवजोत और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, बाद में नवजोत को वेंकटेश्वरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

Latest and Breaking News on NDTV

ये भी पढ़ें ; दिल्ली BMW कांड: वित्त मंत्रालय के अधिकारी की मौत का क्या है सच? चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

बीएमडब्ल्यू की स्पीड रिपोर्ट से पता चला कि रिंग रोड पर 50 किमी प्रति घंटे की लिमिट होने के बावजूद कार 100-110 किमी की रफ्तार से चल रही थी. वहीं, पिछले दिनों दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र धौलाकुआं के पास पिछले वर्ष सितंबर में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में 400 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है. आरोप पत्र में कहा गया है कि हादसे में जान गंवाने वाले वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह दुर्घटना के बाद कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे. ऐसे में यदि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो उनकी जिंदगी बचाई जा सकती थी. पुलिस ने आरोप लगाया है कि आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ ने जानबूझकर पीड़ित को जरूरी चिकित्सा सहायता पहुंचाने में देरी की, जिससे ट्रामा केयर का गोल्डन आवर बर्बाद हो गया.

पुलिस के मुताबिक, हादसे के पास दिल्ली कैंट हॉस्पिटल या एम्स ट्रामा सेंटर जैसे बड़े अस्पताल महज 10-15 मिनट की दूरी पर थे. लेकिन आरोपित गगनप्रीत ने घायलों को 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित नुलाइफ हॉस्पिटल ले जाने का फैसला किया, जहां पहुंचने में 23 मिनट लग गए.

कानपुर लैम्बोर्गिनी हादसा

कानपुर में 10 करोड़ रुपये की लैम्बोर्गिनी कार को कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा कथित तौर पर चला रहा था. कार ने कई वाहनों को टक्कर मारी. इस हादसे में 6 लोग घायल हो गए. चश्म कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी. इसके बाद एक खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी. इसके बाद इसे चला रहे ड्राइवर ने इसे भगाने की नाकाम कोशिश की और कार एक इलेक्ट्रिक पोल से टकरा गई. इस घटना के बाद शिवम मिश्रा घटनास्थल से भाग गया. 

उसके निजी सुरक्षाकर्मियों ने शिवम को वहां से लेकर चले गए. बाद में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि शिवम के बाउंसर ने उसे ड्राइविंग सीट से बाहर निकाला और उसे लेकर भाग गए. बाद में शिवम मिश्रा के वकीलों ने दावा किया कि कार शिवम नहीं चला रहा था बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था. कानपुर लैम्बोर्गिनी हादसा मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है. 

शुरुआत में FIR अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई थी लेकिन बाद में इसमें शिवम मिश्रा का नाम भी शामिल कर लिया गया. पुलिस ने लैम्बोर्गिनी को जब्त कर लिया है. CCTV और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच की जा रही है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

1999 का BMW कांड: पूर्व नौसेना प्रमुख के पोते संजीव नंदा की कार से 6 लोगों की मौत

10 जनवरी 1999 की देर रात राजधानी की सड़कों पर तेज़ रफ्तार से दौड़ती एक BMW ने सात लोगों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिनमें से छह की मौत हो गई थी. मृतकों में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल थे. बाद में सामने आया कि कार हथियार कारोबारी सुरेश नंदा के बेटे और पूर्व नेवी चीफ के पोते संजीव नंदा के कब्जे में थी. हादसे के बाद संजीव नंदा मौके से फरार हो गया और सबूत मिटाने के लिए कार को पूरी तरह धुलवाया गया. इस केस में राजीव गुप्ता सहित कई सह‑आरोपी और गवाह अपने बयानों से मुकर गए.

ट्रायल कोर्ट): अदालत ने संजीव नंदा को आईपीसी की धारा 304(II) के तहत 5 साल का सश्रम कारावास दिया. अन्य सह‑आरोपियों को सबूत मिटाने के लिए दोषी ठहराया गया.

2009 (दिल्ली हाईकोर्ट): अपील पर धारा 304(II) के तहत दी गई सज़ा घटाकर 2 साल सश्रम कारावास कर दी गई.

2012 (सुप्रीम कोर्ट): ट्रायल कोर्ट का दोषसिद्धि निर्णय बरकरार रखते हुए सज़ा 2 साल तय की गई.

अदालत ने संजीव नंदा को 50 लाख रुपये भारत सरकार के पास जमा कराने का निर्देश दिया, ताकि पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा दिया जा सके. साथ ही कम्युनिटी सर्विस करने का आदेश भी दिया गया.

नोएडा लैम्बोर्गिनी हादसा: चालक को एक ही दिन में मिल गई बेल 

30 मार्च 2025 को लैम्बोर्गिनी कार ने नोएडा सेक्टर 94 में बन रहे एक कॉम्प्लेक्स के पास एक फुटपाथ पर लाल रंग की लैम्बोर्गिनी कार ने दो लोगों को टक्कर मार दी. वायरल वीडियो में दिखता है कि लाल कलर की एक स्पोर्ट्स कार फुटपाथ पर दिख रही है. वहां कामगार सेफ्टी हेलमेट और ऑरेंज कलर का जैकेट पहने कार की तरफ दौड़ रहे थे. उन्होंने कार का दरवाजा खोला. एक आदमी ड्राइवर को बोलते दिख रहा है, स्टंट ज्यादा सीख लिए हो? तुमको मालूम है यहां कितने लोग मरे हैं? तभी कार चला रहे चालक ने उसके सवाल का जवाब देते हुए पूचा, कोई मर गया है इधर? 

बाद में ड्राइवर ने दावा किया कि वह कार की टेस्ट ड्राइव ले रहा था. उसने कहा कि उसने गलती से कार का एक्सलेटर दबा दिया. इस दुर्घटना में घायल वर्कर को तुरंत पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया. जहां वो खतरे से बाहर बताया गया. 31 मार्च 2025 को इस घटना के ठीक एक दिन बाद आरोपी दीपक को जमानत मिल गई. नोएडा जिला अदालत ने उसे जमानत दे दी. 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com