- दिल्ली सरकार ने यमुना बाजार कॉलोनी को बाढ़ग्रस्त घोषित कर 15 दिनों में खाली करने का नोटिस जारी किया है.
- यमुना बाजार कॉलोनी में करीब तीन सौ दस परिवारों को नोटिस के तहत हटाया जाएगा क्योंकि यह इलाका बाढ़ प्रभावित है.
- यह कॉलोनी डी डी ए की जमीन पर अवैध कब्जा बताई गई है, जिससे सरकार ने हटाने का निर्णय लिया है.
दिल्ली के निगम बोध घाट स्थित यमुना बाजार कॉलोनी को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है. इस कॉलोनी को 15 दिनों में खाली करना होगा. दिल्ली सरकार ने इस पूरे इलाके को बाढ़ग्रस्त का O जोन का मानते हुए वहां रह रहे लोगों को 15 दिन में खाली करने का नोटिस दिया है. सरकार के इस फैसले से यमुना बाजार कॉलोनी में रह रहे 310 परिवार हटाए जाएंगे. मालूम हो कि यमुना मे जब बाढ़ आती है सबसे पहले यही इलाका डूबता है. दिल्ली सरकार की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि यहां DDA की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था.
पिछले साल जब दिल्ली में बाढ़ आई थी, तब भी यमुना बाजार इलाका पूरा डूब गया था. जिसके बाद वहां रह रहे लोगों को घर छोड़कर दूसरी जगह शरण लेना पड़ा था. तब दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता भी मौके पर पहुंचीं थी और इलाके के लोगों से मिलकर उनकी परेशानी समझी थी. ़
यमुना बाजार दिल्ली का सबसे निचला इलाका
तब मुख्यमंत्री ने यमुना बाजार की छोटी-बड़ी गलियों में करीब तीस मिनट तक लोगों से बात करके उनकी परेशानियां जानीं. फिर लौटकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैंने नियंत्रण कक्ष में भी देखा है. पानी जैसे आ रहा है, वैसे ही आगे निकल जा रहा है. पानी रुकने जैसा कुछ नहीं है. ये राजधानी का सबसे निचला इलाका है. ये यमुना बाढ़ क्षेत्र है, जहां मकान बने हुए हैं. मुझे लगता है कि पानी आज-कल में उतर जाएगा.

पिछले साल 5 सितंबर को यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण निगम बोध घाट पर जलजमाव हो गया है, जिसके चलते दाह-संस्कार की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था. यमुना बाजार के रास्तों पर भारी जलजमाव के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी.
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