- दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास आधी रात को अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.
- पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग लगाई और ड्रोन कैमरों से निगरानी करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे.
- विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने और पत्थरबाजी की, जिससे पुलिसकर्मियों को चोटें आईं.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद और रामलीला मैदान के पास आधी रात को अवैध अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई. मस्जिद की ओर आने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी की. कुछ उपद्रवियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पथराव किया, जिसको लेकर केस दर्ज किया गया है.
Delhi Faiz-E-Elahi Masjid : दिल्ली पुलिस के FIR में क्या है?
NDTV के पास पथराव मामले की Exclusive FIR कॉपी है. पुलिस स्टेशन चांदनी महल के कॉन्स्टेबल संदीप के बयान पर ये FIR दर्ज हुई. FIR कॉन्स्टेबल संदीप ने बयान में बताया की बड़ी मस्ज़िद तुर्कमान गेट के पास तैनात था, जहां कोर्ट के आदेशानुसार फैज इलाही मस्जिद के पास MCD द्वारा अवैध कब्जे को हटाया जाना था..जिसको लेकर लोगों को पहले ही अवगत करा दिया गया था. कॉन्स्टेबल संदीप ने बताया कि रात 12 बजकर 40 मिनट मिनट पर SHO साहब पुलिस अन्य स्टाफ के साथ पुलिस बैरिकेडिंग कर रहे थे. तभी 30-35 लोग की भीड़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए पुलिस बैरिकेडिंग की तरफ आए. जिनमे से शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ को जानता हूं.
लाउड हेलर छीनकर किसने तोड़ा?
कॉन्स्टेबल संदीप ने बताया कि SHO साहब ने इन लोगों को लाउड हेलर पर घोषणा कर बताया कि इलाके में BNSS की धारा 163 लगी हुई है. सभी लोग तीतर बितर हो जाए. लेकिन वो लोग नहीं माने. तभी नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़ा और पत्थर बाजी शुरू कर दी. उनमें से एक व्यक्ति ने मेरे हाथ से लाउड हेलर छीनकर तोड़ दिया. इन लोगों के द्वारा की गई पत्थरबाजी में हेड कॉन्स्टेबल जय सिंह, कॉन्स्टेबल विक्रम, रविन्द्र और जनाब SHO साहब को चोट आई है. इसी दौरान और पुलिस फोर्स की मदद से उन लोगों को तीतर बितर किया गया...जिसके बाद हमे होस्पिटल में एडमिट करवाया गया.
कार्रवाई में 10 से 17 बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगाई गईं, साथ ही 70 से ज्यादा डंपर मलबा हटाने के लिए तैनात किए गए. एमसीडी के 150 से अधिक कर्मचारी भी मौजूद रहे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस ने करीब 1000 जवानों की तैनाती की, जिनमें 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारी शामिल थे.
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