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This Article is From Feb 16, 2024

दिल्ली की फैक्टरी में आग: आठ मृतकों की हुई पहचान, अज्ञात शवों के लिए की जा सकती है डीएनए जांच

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बयान में कहा कि जिस इमारत में आग लगी, उसका इस्तेमाल अवैध रूप से रासायनिक पेंट मिश्रित करने के लिए किया जा रहा था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना में फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार जैन और उनके 10 कर्मचारी मारे गए. अधिकारी ने बताया कि फैक्टरी ओम सन्स पेंट 2017 से काम कर रही है.

दिल्ली की फैक्टरी में आग: आठ मृतकों की हुई पहचान, अज्ञात शवों के लिए की जा सकती है डीएनए जांच

बाहरी दिल्ली के अलीपुर में बृहस्पतिवार को एक फैक्टरी में लगी भीषण आग में मारे गए 11 लोगों में से आठ की पहचान उनके परिवार के सदस्यों ने कर ली है. जरूरत पड़ने पर अज्ञात शवों के लिए डीएनए जांच कराई जा सकती है. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि घटना किस कारण से हुई और क्या पेंट फैक्टरी अवैध रूप से संचालित की जा रही थी.

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बयान में कहा कि जिस इमारत में आग लगी, उसका इस्तेमाल अवैध रूप से रासायनिक पेंट मिश्रित करने के लिए किया जा रहा था. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना में फैक्टरी के मालिक अशोक कुमार जैन और उनके 10 कर्मचारी मारे गए. अधिकारी ने बताया कि फैक्टरी ओम सन्स पेंट 2017 से काम कर रही है.

अधिकारी ने कहा, ‘‘यह पता चला है कि जब काम चल रहा होता था तो मालिक फैक्टरी को अंदर से बंद कर देता था.'' मारे गए आठ लोगों की पहचान अशोक कुमार जैन (62), राम सूरत सिंह (44), विशाल गौंड (19), अनिल ठाकुर (46), पंकज कुमार (29), शुभम (19), मीरा (44) और बृजकिशोर (19) के तौर पर हुई.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसी आशंका है कि फैक्टरी का गेट बंद था और आग लगने के बाद कर्मचारी इमारत से बाहर नहीं निकल सके. अधिकारी ने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं. उन्होंने कहा कि ‘‘प्रथम दृष्टया, आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और उस क्षेत्र में फैल गई जहां रसायन रखे हुए थे, जिससे कई विस्फोट हुए.''

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि कुछ पीड़ितों की पहचान उनके कपड़ों और अन्य वस्तुओं के आधार पर की गई. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अज्ञात शवों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा.

घटना अलीपुर के दयाल बाजार में हुई. फैक्टरी में रासायनिक सामग्री के गोदाम थे. आग एक पुनर्वास केंद्र और आठ दुकानों सहित आस-पास की इमारतों में फैल गई. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचीं, जिसके कारण आग अन्य इमारतों में फैल गई.

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना शाम 5:25 बजे मिली और दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया, लेकिन जी टी करनाल रोड के पास भारी ट्रैफिक जाम के कारण देरी हुई. दिल्ली पुलिस ने किसानों के आंदोलन के मद्देनजर अलीपुर की ओर जाने वाली कुछ सड़कों पर बैरिकेडिंग की हुई है. सूत्रों ने दावा किया कि देरी नजदीकी दमकल केंद्र पर दमकल गाड़़ियों की अनुपलब्धता के कारण हुई क्योंकि उन्हें दूसरे स्थान पर भेजा गया था.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि चूंकि घटना में फैक्टरी मालिक की मौत हो गई, इसलिए उसके बेटे, हरियाणा के सोनीपत के अखिल जैन से पूछताछ की जा रही है. फैक्टरी मालिक के बेटे के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. डीएफएस अधिकारी ने कहा कि दमकल की 22 गाड़ियों को आग बुझाने के लिए भेजा गया था.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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