AQI Dehradun: पहाड़ों की रानी मसूरी के द्वार और अपनी शुद्ध आबोहवा के लिए मशहूर देहरादून की हवा अब जहरीली होती जा रही है. पिछले 48 घंटों में शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'खराब' श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे दूनवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं. स्थिति यह है कि कई इलाकों में रात के समय प्रदूषण का स्तर दिल्ली जैसा खतरनाक महसूस होने लगा है.
आंकड़ों में दून की 'बिगड़ी' सेहत
दून विश्वविद्यालय के प्रदूषण निगरानी केंद्र के आंकड़ों ने खतरे की घंटी बजा दी है. बुधवार को औसत एक्यूआई 267 दर्ज किया गया. प्रदूषण का अधिकतम स्तर 291 तक पहुंच गया. प्रोफेसर विजय श्रीधर के बताया कि रात के समय हवा का प्रवाह कम होने से एक्यूआई 300 के पार (Very Poor category) चला जा रहा है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
प्रदूषण के 3 बड़े कारण
विशेषज्ञों ने देहरादून में स्मॉग और बढ़ते प्रदूषण के लिए इन मुख्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है.
- शहर की सड़कों पर बढ़ती गाड़ियों की संख्या और घंटों लगने वाला जाम.
- रिहायशी इलाकों में खुले में कूड़ा-कचरा जलाना हवा को जहरीला बना रहा है.
- जंगलों में लगने वाली आग का धुआं भी दून की घाटी में जमा हो रहा है.
स्मार्ट सिटी के 'डिस्प्ले' फेल, लोगों में भ्रम
प्रदूषण की सटीक जानकारी देने के लिए शहर में लगाए गए 'स्मार्ट एलईडी डिस्प्ले' ही अब सवालों के घेरे में हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ये डिस्प्ले कई दिनों पुरानी जानकारी दिखा रहे हैं. जब हवा की गुणवत्ता 'खराब' है, तब भी कई मीटरों पर पुरानी और संतोषजनक रीडिंग दिख रही है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है.
बच्चों और बुजुर्गों के लिए 'रेड अलर्ट'
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है. गले में चुभन, आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत होने लगी है. विशेषज्ञों ने सुबह और देर रात 'आउटडोर एक्टिविटी' से बचने और मास्क का प्रयोग शुरू करने की सलाह दी है.
ये भी पढ़ें:- कौन है 24 मुकदमों वाला रोहित यादव? यूपी पुलिस ने घेरा तो चलाने लगा गोलियां, फिर एनकाउंटर में हुआ ये हाल!
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं