- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीबीआई निदेशक नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति आज बैठक करेगी.
- वर्तमान निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है, जिन्हें पहले एक साल का विस्तार मिला था.
- नए निदेशक पद के लिए शत्रुजीत सिंह कपूर, पराग जैन और अजय कुमार शर्मा सहित कई वरिष्ठ IPS अधिकारी उम्मीदवार हैं.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर आज अहम बैठक होने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय चयन समिति शाम को बैठक कर नए निदेशक के नाम पर मुहर लगा सकती है.
24 मई को खत्म हो रहा प्रवीण सूद का कार्यकाल
इस तीन सदस्यीय समिति में प्रधानमंत्री के अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं. मौजूदा सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को समाप्त हो रहा है. उन्हें पिछले वर्ष एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था.
नए डायरेक्टर की रेस में इतने नाम
नए निदेशक की दौड़ में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं. इनमें 1990 बैच के हरियाणा कैडर के आईपीएस शत्रुजीत सिंह कपूर को सबसे आगे माना जा रहा है. वे वर्तमान में आईटीबीपी के महानिदेशक हैं और हरियाणा के डीजीपी के रूप में भी काम कर चुके हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में उनका कार्यकाल भी काफी चर्चित रहा है.
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इसके अलावा, रॉ प्रमुख पराग जैन का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है, जिनके पास खुफिया और सुरक्षा मामलों का व्यापक अनुभव है. 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अजय कुमार शर्मा, एनआईए प्रमुख सदानंद दाते और 1993 बैच के केरल कैडर के योगेश गुप्ता भी संभावित उम्मीदवारों में गिने जा रहे हैं.
फिर मिल सकता है प्रवीण सूद को एक्सटेंशन
सूत्रों के मुताबिक, यदि चयन समिति किसी एक नाम पर सहमति बनाने में सफल नहीं होती है तो मौजूदा निदेशक प्रवीण सूद को एक और विस्तार दिए जाने की संभावना भी बन सकती है, हालांकि इसकी संभावना कम मानी जा रही है.
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नियमों के अनुसार, गृह मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अधिकारियों का पैनल तैयार करते हैं. आमतौर पर वरिष्ठ बैच के अफसरों को प्राथमिकता दी जाती है. CBI निदेशक का कार्यकाल दो वर्ष का होता है, जिसे चरणबद्ध तरीके से अधिकतम पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, बशर्ते अधिकारी के रिटायरमेंट में कम से कम छह महीने बाकी हों. ऐसे में आज की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसी के जरिए देश की सबसे महत्वपूर्ण जांच एजेंसी के अगले प्रमुख का चयन तय होगा.
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