केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोमवार को कहा कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और छह अन्य की दया याचिका पर संसद के शीतकालीन सत्र के बाद विचार होगा।
नई दिल्ली:
केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोमवार को कहा कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और छह अन्य की दया याचिका पर संसद के शीतकालीन सत्र के बाद विचार होगा।
मंत्रालय की ओर से बुलाए गए मासिक संवादतादाता सम्मेलन के दौरान शिंदे ने कहा कि उनके मंत्रालय को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सात मामले प्राप्त हुए हैं, जिनमें एक मामला अफजल गुरु का भी है।
अफजल की दया याचिका के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा कि उसके आवेदन को खारिज करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। उन्होंने कहा, "शीतकालीन सत्र खत्म होते ही मैं इस मामले को देखूंगा। मैं अभी तारीख नहीं बता सकता।" ज्ञात हो कि संसद का शीतकालीन सत्र का समापन 20 दिसम्बर को होगा।
उल्लेखनीय है कि अफजल गुरु ने वर्ष 2001 में आतंकवादियों की मदद से भारतीय संसद पर हमला किया था।
मंत्री ने कहा कि 26/11 के मुम्बई हमले के दोषी अजमल कसाब को पिछले महीने फांसी दिए जाने के बाद पाकिस्तान या कसाब के परिवार की ओर से उसका शव सौंपने की अपील अभी तक नहीं की गई है।
मंत्रालय की ओर से बुलाए गए मासिक संवादतादाता सम्मेलन के दौरान शिंदे ने कहा कि उनके मंत्रालय को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सात मामले प्राप्त हुए हैं, जिनमें एक मामला अफजल गुरु का भी है।
अफजल की दया याचिका के बारे में पूछे जाने पर शिंदे ने कहा कि उसके आवेदन को खारिज करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। उन्होंने कहा, "शीतकालीन सत्र खत्म होते ही मैं इस मामले को देखूंगा। मैं अभी तारीख नहीं बता सकता।" ज्ञात हो कि संसद का शीतकालीन सत्र का समापन 20 दिसम्बर को होगा।
उल्लेखनीय है कि अफजल गुरु ने वर्ष 2001 में आतंकवादियों की मदद से भारतीय संसद पर हमला किया था।
मंत्री ने कहा कि 26/11 के मुम्बई हमले के दोषी अजमल कसाब को पिछले महीने फांसी दिए जाने के बाद पाकिस्तान या कसाब के परिवार की ओर से उसका शव सौंपने की अपील अभी तक नहीं की गई है।
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