सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मस्जिद के पास जुटी भीड़ के बीच भारत का राष्ट्रगान बजता सुनाई दे रहा है. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह नजारा अफगानिस्तान का है, जहां मुसलमानों की भारी भीड़ के सामने भारतीय राष्ट्रगान बजाया गया. हालांकि, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) की फैक्ट चेक टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की तो यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक निकला. असल में यह वीडियो अफगानिस्तान का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के देवबंद स्थित प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान 'दारुल उलूम' का है, जहां इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया गया था और राष्ट्रगान गाया गया था.
अफगानिस्तान से जोड़कर फैलाया गया फर्जी दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर '@iRitupriya_' नाम के यूजर ने 12 अगस्त को यह वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया था कि अफगानिस्तान में भारतीय राष्ट्रगान गूंज रहा है. उसने ये भी लिखा कि अखंड भारत अब दूर नहीं. इस पोस्ट को खबर लिखे जाने तक 2 लाख 30 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.
Big Breking 🚨
— Ritu Priya (@iRitupriya_) August 12, 2026
अफगानिस्तान में भारत 🇮🇳 का राष्ट्रगान गाया गया..
अखंड भारत अब दूर नहीं🔥 pic.twitter.com/1enI9uidyQ
लेकिन न्यूज एजेंसी PTI की जांच में पता चला कि यह पहली बार नहीं है जब इस वीडियो को गलत दावे के साथ फैलाया गया है. इससे पहले भी कई बार इसी वीडियो को अफगानिस्तान की घटना बताकर शेयर किया जा चुका है ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके.पीटीआई की फैक्ट चेक टीम ने जब वीडियो के की-फ्रेम्स निकालकर गूगल लेंस के जरिए रिवर्स इमेज सर्च किया, तो पूरी सच्चाई खुलकर सामने आ गई. जिसके बाद यह पूरी तरह साफ हो गया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित देवबंद का है, जिसका अफगानिस्तान से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है.
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दारुल उलूम में हर साल फहराया जाता है तिरंगा
बता दें कि दारुल उलूम में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को धूमधाम से मनाने की पुरानी परंपरा रही है. हर साल ऐसे मौकों पर यहां शान से तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान गाया जाता है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी इसी वीडियो को देवबंद का बताकर पोस्ट किया था.
सोशल मीडिया पर फर्जी दावों से रहें सावधान
जांच-पड़ताल के बाद पीटीआई फैक्ट चेक ने यह साफ किया है कि उत्तर प्रदेश के देवबंद का एक असली वीडियो, जिसमें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, उसे गलत नीयत से अफगानिस्तान का बताकर शेयर किया गया. ऐसे में सोशल मीडिया पर बिना जांच-परख के किसी भी वायरल वीडियो या दावे पर भरोसा करने से बचना चाहिए.
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