- दमोह से कटनी के बीच बनने वाले फोरलेन को एमपी सरकार ने मंजूरी दे दी है.
- इस हाईवे के बनने के बाद दमोह कटनी की प्रयागराज वाराणसी तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी.
- दमोह कटनी फोरलेन दो बड़े एक्सप्रेसवे से भी सीधा इंटरचेंज करेगा.
एमपी का बुंदेलखंड और महाकौशल अंचल अब यूपी के प्रयागराज से सीधा कनेक्ट होने वाला है. मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही 105 किलोमीटर लंबे दमोह कटनी फोरलेन हाईवे को मंजूरी मिल चुकी है. इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है, जिसे कैबिनेट से अप्रूवल मिलना है. इस फोरलेन के बनने से कटनी से प्रयागराज का सफर महज 5 घंटे में पूरा हो जाएगा. जबकि दमोह से प्रयागराज का सफर 6 घंटे में पूरा होगा. इसके अलावा यह फोरलेन दो बड़े एक्सप्रेसवे से सीधा कनेक्ट होगा. ऐसे में उत्तर और दक्षिण की तरफ से भी एमपी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. पहले दमोह से कटनी के बीच 2 लेन हाईवे बनना था, लेकिन विंध्य विकास पथ योजना के अंतर्गत स्टेट हाईवे-63 अब इस हाईवे को दो लेन से बढ़ाकर फोरलेन करने के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है. इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी. जिसके बाद इस योजना पर औपचारिक काम शुरू हो जाएगा. फिलहाल इस हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लगता है, लेकिन इस हाईवे के बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी.
दमोह-कटनी से प्रयागराज तक कनेक्टिविटी
अभी दमोह और कटनी से प्रयागराज का सफर करने में 10 से 11 घंटे तक समय लग जाता है. क्योंकि सिंगल लेन मार्ग होने की वजह से गाड़ियां ट्रैफिक जाम में फंसती हैं. दमोह से प्रयागराज की दूरी 370 किलोमीटर है, जबकि कटनी से 270 किलोमीटर है. लेकिन दमोह से कटनी के बीच फोरलेन मार्ग बनने से गाड़ियां बिना किसी रुकावट के 80 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से 4 से 5 घंटे में प्रयागराज तक पहुंच जाएगी. इस हाईवे के बनने से एमपी के बुंदेलखंड और महाकौशल की शानदार कनेक्टिविटी होने वाली है. इसलिए एमपी सरकार इस प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रही है.
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2 घंटे में दमोह से कटनी
इसके अलावा दमोह से कटनी के बीच का सफर भी अब शानदार होने वाला है, सिंगल लेन मार्ग होने की वजह से दोनों शहरों के बीच की 105 किलोमीटर की दूरी ट्रैफिक दवाब की वजह से तय करने में 3 से 4 घंटे का समय लग जाता है. लेकिन फोरलेन मार्ग बनने से ट्रैफिक का दवाब कम होगा. ऐसे में समय में डेढ़ से 2 घंटे तक की बचत होगी. जिससे दमोह से कटनी की दूरी अब 1.5 से 2 घंटे में पूरी हो जाएगी. मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने इस फोरलेन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है. एमपी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण समेत दूसरी सभी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
अटल प्रगति पथ और नर्मदा एक्सप्रेसवे से कनेक्शन
दमोह-कटनी फोरलेन सीधा अटल प्रगति एक्सप्रेसवे और नर्मदा एक्सप्रेसवे से सीधा इंटरचेंज करेगा. कटनी के पास यह नर्मदा एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा. ऐसे में झाबुआ से होते हुए गुजरात का सफर आसान होगा. वहीं अटल एक्सप्रेसवे से जुड़ने से दिल्ली एनसीआर की तरफ कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इसके अलावा दमोह-कटनी फोरलेन यह हाईवे कटनी के पास NH-7 जो अब NH-30/NH-44 का हिस्सा है, उससे भी सीधा जुड़ जाएगा. यह देश का सबसे लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर है. जिससे दमोह का ट्रैफिक सीधे नेशनल हाईवे तक जाएगा. ऐसे में भोपाल और सागर की तरफ से आने वाले वाहनों को भी इसका फायदा होगा.
बुंदेलखंड और महाकौशल की कनेक्टिविटी
- दमोह से कटनी के बीच फोरलेन बनने से महाकौशल के केंद्र जबलपुर की बुंदेलखंड के केंद्र सागर के बीच की दूरी बहुत कम जाएगी और समय की बचत होगी.
- दमोह और कटनी के लोग राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर से सीधे और सुगम तरीके से जुड़ सकेंगे.
- कटनी से आगे का मार्ग उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे प्रयागराज और वाराणसी को जोड़ेगा.
एमपी का अहम प्रोजेक्ट
यह एमपी सरकार का अहम प्रोजेक्ट है. इसकी प्रस्तावित लागत 4470 करोड़ होने का अनुमान है. जिस पर सरकार जल्द ही प्रस्ताव बनाकर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी. माना जा रहा है कि आने वाली कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार इस प्रस्ताव को मंजूर कर सकती है.
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