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This Article is From May 02, 2019

Cyclone Fani: 1999 के सुपर साइक्लोन के बाद हो सकता है सबसे खतरनाक, हवा की रफ्तार हो सकती है 175 kmph, सेना अलर्ट पर

Cyclone Fani Update: फानी चक्रवात के तीन मई को दोपहर बाद जगन्नाथ पुरी से गुजरने की आशंका है और इस दौरान हवा की रफ्तार 175 किलोमीटर प्रतिघंटे के आसपास रहने की उम्मीद है.

Cyclone Fani: 1999 के सुपर साइक्लोन के बाद हो सकता है सबसे खतरनाक, हवा की रफ्तार हो सकती है 175 kmph, सेना अलर्ट पर
Cyclone Fani: तूफान ओडिशा तट की तरफ अभी 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है.
भुवनेश्वर:
  1. नौसेना, भारतीय वायुसेना और तटरक्षक बल को किसी भी चुनौती से निपटने के लिये हाईअलर्ट पर रखा गया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) और दमकल सेवाओं को असैन्य प्रशासन की सहायता के लिये संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है. 
  2. विशेष राहत आयुक्त बी पी सेठी ने कहा कि तटीय और दक्षिणी जिलों के कलेक्टरों से गुरुवार तक निचले इलाकों से लोगों को निकालने का काम पूरा कर लेने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि गुरुवार शाम तक यहां तूफान के दस्तक देने की आशंका है. इस दौरान समुद्र में डेढ़ मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठ सकती हैं. गंजम, पुरी, खोरधा, कटक और जगतसिंहपुर जिलों में मूसलाधार बारिश होने और 175 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चलने की उम्मीद हैं.
  3. राज्य के मुख्य सचिव एपी पधी ने कहा कि सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की छुट्टियां 15 मई तक रद्द कर दी गई हैं. राज्य के पुलिस प्रमुख आर पी शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों की भी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. जो पुलिसकर्मी छुट्टी पर हैं उन्हें तत्काल ड्यूटी पर लौटने को कहा गया है. प्रभावित जिलों में आईएएस अधिकारियों को राहत, बचाव और पुनर्वास अभियान का प्रमुख बनाया गया है. 
  4. शर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षकों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने को कहा गया है. सेठी ने कहा कि तटीय और दक्षिणी जिलों में 880 चक्रवात शरण स्थल तैयार किये गए हैं ताकि प्रभावित इलाकों से निकाले गए लोगों को वहां सुरक्षित रखा जा सके. उन्होंने कहा कि गजपति और रायगढ़ा जैसे जिलों में ऐसी सुविधाएं नहीं हैं. वहां प्रभावित लोगों को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में ठहराया जाएगा. 
  5. चुनाव आयोग ने ओडिशा के 11 तटीय जिलों से आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों में ढील दी है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इससे तटीय क्षेत्रों पुरी, जगतसिंहपुर, केन्द्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, गजपति, गंजम,खोरधा, कटक और जाजपुर शामिल हैं-जहां चक्रवात का असर पड़ने की आशंका है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी इस तूफान का असर पड़ने की आशंका है.
  6. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने चुनाव आयोग से तटीय इलाकों में तीव्र गति से राहत एवं पुनर्वास गतिविधियां चलाने के लिए आदर्श आचार संहिता हटाने का अनुरोध किया था.    कुमार ने कहा कि जगतसिंहपुर और गजपति जिलों में ईवीएम को सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये इस पूरी कवायद की वीडियोग्राफी भी की जाएगी. ईस्ट कोस्ट रेलवे ने चक्रवात के मद्देनजर 74 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया है. 
  7. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘फोनी' के ओडिशा तट के करीब बढ़ने के मद्देनजर पर्यटकों को गुरुवार शाम तक पुरी छोड़ने की बुधवार को सलाह दी. राज्य में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश भी दिये गये है.    
  8. सार्वजनिक क्षेत्र की आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) ने फोनी तूफान के खतरे को देखते हुए बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में रिग पर काम करने वाले अपने 480 कर्मचारियों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है.
  9. सूत्रों ने बताया कि ओएनजीसी ने भीषण चक्रवात फोनी के रास्ते में आने वाले अपने कम-से-कम चार रिग को भी सुरक्षित जल क्षेत्र में पहुंचा दिया है. कंपनी के आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से दूर समुद्र में छह रिग तेल एवं गैस की खोज तथा खुदाई कार्य में लगे हैं. उस पर काम कर रहे कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित स्थान पहुंचाया गया है.    जिन रिगों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, उसमें अबन दो (85 कर्मचारी), डीडी-8 (103 कर्मचारी), लुइसियाना (83) तथा एस्सार वाइल्डकैट (87 कर्मचारी) शामिल हैं.    
  10. ओड़िशा में पारादीप तथा आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम बंदरगाह में परिचालन बंद कर दिया गया है तथा जहाजों को तूफान वाले क्षेत्र से दूर रहने को कहा गया है ताकि उन्हें कोई नुकसान नहीं हो. देश के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों की भरमार है. इस खेत्र में पारादीप, विशाखापट्टनम और चेन्नई में तेल रिफाइनरियां भी हैं. ओडिशा और आंध्र प्रदेश में तूफान के रास्ते में पड़ने वाली दो रिफाइनरियां सुरक्षित तौर-तरीके को अपना रही हैं. इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन प्रतिष्ठानों को किसी तरह के नुकसान से बचाने के लिये उपाय किये गये हैं. (इनपुट- भाषा)
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