- तेलंगाना में मॉनसून की धीमी रफ्तार से चिंतित हैं लोग
- बारिश के लिए मगरमच्छ की पूजा की गई
- मामला चर्चा का विषय बन गया है
तेलंगाना में इस बार मॉनसून की रफ्तार धीमी है. औसत से कम बारिश होने की वजह से जलाशयों में पानी का स्तर कम है. लोग परेशान हैं और लगातार ये प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश हो जाए. इस बीच जोगुलम्बा गडवाल जिले के बीचुपल्ली में एक अनोखी तस्वीर सामने आई. यहां एक मगरमच्छ को रस्सियों की मदद से नदी से बाहर खींच लिया गया और उसे बारिश के देवता, भगवान वरुण की सवारी मानकर मछुआरों ने एक विशेष पूजा की. इसके बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से वापस कृष्णा नदी में छोड़ दिया. यह मामला चर्चा का विषय बन गया है.
जोगुलम्बा गडवाल जिले के बीचुपल्ली में स्थानीय लोगों ने कृष्णा नदी के किनारे बहकर आए एक मगरमच्छ को देखा. स्थानीय मछुआरों ने रस्सियों की मदद से उसे सुरक्षित रूप से पानी से बाहर निकाला. मगरमच्छ को बारिश के देवता, भगवान वरुण की सवारी मानकर, समुदाय ने एक विशेष पूजा करने का फ़ैसला किया. मगरमच्छ की पूजा के साथ अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की गई.
मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से वापस कृष्णा नदी में छोड़ दिया गया
पूजा-पाठ कराने वाले पुजारी अनिल शर्मा ने बताया कि लोगों ने इलाके में समय पर और अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना की. पूजा के बाद अधिकारियों ने मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से वापस कृष्णा नदी में छोड़ दिया. यह अनोखा आयोजन स्थानीय समुदाय की गहरी परंपराओं और मान्यताओं को दिखाता है, जहां प्रकृति और धार्मिक आस्था आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं.
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