- जनार्दन मिश्रा बोले- एथेनॉल विरोध बेकार है, 20% एथेनॉल मिलाना देश के लिए जरूरी.
- सांसद ने कहा- शुद्ध पेट्रोल देश में उपलब्ध नहीं है, वह क्या तुम्हारे बाप के घर से लेकर आएं.
- सांसद का कहना है कि एथेनॉल से रोजगार बढ़ेगा और किसानों की आय बढ़ेगी.
Rewa MP Statement on Ethanol Petrol: मध्य प्रदेश के रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा (Janardan Mishra) अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा सांसद ने सरकार की इस नीति का बचाव किया और यह टिप्पणी की. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बोलते हुए पेट्रोल-डीजल पर आपत्तिजनक बयान दे दिया. उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ खुद का 20 प्रतिशत डीजल-पेट्रोल होता है, बाकी 80 फीसदी विदेशों से आता है. विरोधी कहते हैं कि शुद्ध पेट्रोल दो, देश में पेट्रोल है नहीं, अगर एथेनॉल नहीं मिलाएंगे तो क्या तुम्हारे बाप के घर से शुद्ध पेट्रोल आएगा. इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गरमा गया है.
Rewa, Madhya Pradesh: BJP MP Janardan Mishra says, "...India produces 20 per cent of its oil domestically, while 80 per cent has been sourced from abroad. On top of that, there is a conflict going on at present, the Strait of Hormuz is closed, and the Houthis have also blocked… pic.twitter.com/kLOg8BKTiS
— IANS (@ians_india) August 9, 2026
दरअसल, भाजपा सासंद जनार्दन मिश्रा रीवा एयरपोर्ट पर भोपाल-रीवा, कोलकाता-रीवा फ्लाइट के लिए आयोजित कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विरोध करने वालों पर कहा, "आज दुनिया में रोजगार कहीं नहीं है. अगर नौकरी कहीं उपलब्ध हो रहे हैं तो वो हिंदुस्तान है. जब पीएम ने कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाना है तो इसके विरोध में आंदोलन हो रहा है कि नहीं एथेनॉल नहीं चलेगा, केवल शुद्ध पेट्रोल चलेगा. शुद्ध पेट्रोल तुम्हारे बाप के घर से आएगा? देश में शुद्ध पेट्रोल है ही नहीं तो कहां से आएगा. ऑटोमोबाइल वाले कह रहे हैं कि नहीं, इंजन हमारे पास है, कोई दिक्कत नहीं आएगी. और एथेनॉल से गाड़ी चलाने वाली क्षमता हिंदुस्तान में है. हिंदुस्तान की गाड़ी एथेनॉल से चलेगी, चल सकती है."
18 हजार किमी ज्यादा चलते हैं जहाज
वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि तेल आपूर्ति के लिए जहाजों को 18,000 किलोमीटर के करीब अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की बात करते हैं तो कुछ लोग विरोध में आंदोलन करने लगते हैं. उन्होंने आक्रामक अंदाज में बघेली भाषा में एथेनॉल पेट्रोल का विरोध करने वालों पर यह बयान दिया.
मिश्रा ने कहा कि भारत में वाहन एथेनॉल मिश्रित ईंधन से चल सकते हैं, लेकिन कुछ लोग एथेनॉल के इस्तेमाल का विरोध करते हुए इसे पेट्रोल में नहीं मिलाने की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि एथेनॉल नहीं बनेगा तो पेट्रोल कहां से आएगा, डीजल कहां से आएगा?
ब्राजील में कोई समस्या नहीं- सांसद
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि ब्राजील में तो गाडियां 100 प्रतिशत एथेनॉल से चल रहीं, लेकिन इसके बावजूद वहां वाहनों में ऐसी कोई समस्या नहीं है.
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