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This Article is From Jul 11, 2022

अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर कांग्रेस का आक्रामक रूख़

अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ कांग्रेस का रूख़ आक्रामक होता जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक आज रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज किया और सरकार की जमकर आलोचना की.

अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर कांग्रेस का आक्रामक रूख़
अग्निपथ भर्ती योजना पर कांग्रेस का आक्रामक रूख़
नई दिल्ली:

अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ कांग्रेस का रूख़ आक्रामक होता जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक आज रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज किया और सरकार की जमकर आलोचना की. कांग्रेस ने कहा है कि परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टेन बाना सिंह ने भी इस भर्ती योजना का विरोध किया है औऱ कहा है कि अग्निपथ योजना हमें बुरी तरह से नुकसान करेगी. काग्रेस ने अपने विरोध के लिए कैप्टेन बाना सिंह को प्रेरणा-स्त्रोत माना है. गौरतलब है कि, आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक हुई. इस बैठक के एजेंडे में अग्निपथ योजना पर विचार विमर्श करना था. बैठक में राज्यमंत्री अजय भट्ट, तीनों सेना प्रमुख और रक्षा सचिव भी उपस्थित रहे.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने ग्रामीण परिवेश का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि गांव के लोग उम्मीद करते हैं कि वे कम से कम 17 साल तक नौकरी करेंगे और फिर उनका प्रमोशन होगा, रैंक बढ़ेगी और गांव का सम्मान होगा. लेकिन अब अग्निपथ में किसी को फौज में ना प्रमोशन मिलना है, ना रैंक बढ़नी है, ना लंबे अरसे तक काम करना है. काग्रेस ने कहा कि 6 महीने की ट्रेनिंग और साढ़े तीन साल के ठेके पर जो युवा भर्ती होगा उसका सम्मान नहीं होगा.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने परामर्श समिति को एक पत्र लिखकर इस योजना से संबंधित बहुत सारे ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिसपर कांग्रेस को ऐतराज है. कांग्रेस ने कहा है कि बिना लोगों से राय मशविरा किए हुए ही सरकार बदलाव कर रही है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह सेना का फैसला नहीं था और जब इस योजना को लेकर आक्रोशित युवा सड़कों पर उतर आए तब सेना के मुखिया को सामने लाया गया.

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपने पत्र में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ( सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के उस साक्षात्कार का जिक्र किया गया है जो उन्होंने एक न्यूज़ एजेंसी को दिया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा थी कि सेना में जो 15 या 17 साल पर फौजी रिटायर होते हैं, उसकी जगह उनकी रिटायरमेंट उम्र 58 होना चाहिए जिससे एक एक्सपीरियंस्ड फौजी मिलेगा और कम उम्र में रिटायर होने से पेंशन का जो बोझ है, वो कम होगा.

कांग्रेस ने पूर्व सैनिक के लिए आरक्षण का मुद्दा भी उठाया. कांग्रेस ने कहा कि यूक्रेन और रशिया के युद्ध के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि जो सैनिक पूरी तरह से नौकरी में लंबे अर्से से थे उनका परफॉर्मेंस शोर्ट टर्म नौकरी में आए हुए सैनिक से बहुत बेहतर रहा. औऱ ऐसी परिस्थिति में दुश्मन पड़ोसी देशों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू करना सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करना है.

कांग्रेस के रवैय्ये से लगता है कि आने वाले संसदीय सत्र के दौरान कांग्रेस जोर-शोर से इस मुद्दे को उठाने की कोशिश करेगी. आज सबेरे कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा,”अग्निवीर स्कीम की आलोचना वेटरन ने की है औऱ इसको जल्दीबाजी में देश पर नहीं थोपना चाहिए.”

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