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आत्मसमर्पण करने का इरादा रखने वाले कमांडर की साथी माओवादियों ने की हत्या, शव बरामद

पुलिस ने बताया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के सुकमा निवासी अन्वेष, केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन का संभागीय समिति सदस्य (डीवीसीएम) और सैन्य प्लाटून कमांडर था, और उसपर 22 लाख रुपये का इनाम था.

आत्मसमर्पण करने का इरादा रखने वाले कमांडर की साथी माओवादियों ने की हत्या, शव बरामद
  • कंधमाल जिले की पुलिस ने पाकरी आरक्षित वन क्षेत्र से माओवादी कमांडर अन्वेष का क्षत-विक्षत शव कब्र से निकाला
  • अन्वेष की हत्या 29 जनवरी को वांछित माओवादी नेता सुक्रू ने की थी, जब वह आत्मसमर्पण करने वाला था
  • अन्वेष छत्तीसगढ़ के सुकमा का निवासी था और उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था
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एक वांछित माओवादी नेता ने 22 लाख के इनामी कमांडर अन्वेष की कथित तौर पर हत्या कर दी क्योंकि वह ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करना चाहता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
कंधमाल जिले की पुलिस ने बुधवार को डारिंगबाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाकरी आरक्षित वन क्षेत्र में अन्वेष उर्फ ​​रेनू के क्षत विक्षत शव को कब्र से निकाला.

राज्य के सबसे वांछित नक्सली नेता सुक्रू ने 29 जनवरी को कथित तौर पर अन्वेष की हत्या कर दी. कंधमाल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीश बीसी ने ‘पीटीआई-भाषा' को फोन पर बताया, 'यह पुष्टि हो गई है कि अन्वेष की हत्या सुक्रू और उसके साथियों ने उस समय की जब वह कुछ अन्य माओवादी के साथ ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने की तैयारी कर रहा था.'

पुलिस ने बताया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के सुकमा निवासी अन्वेष, केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन का संभागीय समिति सदस्य (डीवीसीएम) और सैन्य प्लाटून कमांडर था, और उसपर 22 लाख रुपये का इनाम था.

आत्मसमर्पण के बाद परिजन से मिले

तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के एक दिन बाद थिप्पिरी तिरुपति उर्फ ​​देवूजी और अन्य वरिष्ठ माओवादी नेताओं का बुधवार को यहां अपने परिवार के सदस्यों के साथ भावुक पुनर्मिलन हुआ. पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य के जगतियाल जिले के कोरुतला के मूल निवासी देवूजी ने 1982 के बाद पहली बार अपने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की.

देवूजी के छोटे भाई गंगाधर ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि देवूजी परिवार के सदस्यों से मिलकर खुश थे, हालांकि समय बीतने के कारण वह उन्हें ठीक से पहचान नहीं पा रहे थे. गंगाधर ने बताया कि उनके भाई कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त प्रतीत होने के बावजूद स्वस्थ दिख रहे थे. वह अब भी लोगों की सेवा करने के लिए उत्सुक हैं.

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