- CM शुभेंदु ने TMC के एक वरिष्ठ नेता की कंपनी की कोलकाता में 24 संपत्तियों की जांच करने का संकेत दिया
- दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के पुनर्मतदान से पहले मुख्यमंत्री का TMC नेताओं पर हमला
- शुभेंदु अधिकारी ने 2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा में शामिल आरोपियों की सूची तैयार करने को कहा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निशाने पर अब राज्य के वो नेता हैं, जिनका नाम भ्रष्टाचार के मामलों में सामने आता रहा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस की सरकार में उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बिना नाम लिए तृणमूल कांग्रेस के एक सीनियर लीडर से जुड़ी कथित कंपनी की संपत्तियों की जांच शुरू करने का संकेत दिया. दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर उपखंड के अंतर्गत फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उस नेता को बार-बार 'मिस्टर नेफ्यू' कहकर संबोधित किया. यहां 21 मई को फिर से वोटिंग होनी है. हालांकि, टीएमसी का कहना है कि चुन-चुनकर लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना ठीक नहीं है.
CM शुभेंदु अधिकारी ने निकली 'मिस्टर नेफ्यू' की प्रॉपर्टी लिस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा, "मिस्टर नेफ्यू, मैं कल ही कोलकाता नगर निगम से आपकी कंपनी की संपत्तियों की पूरी सूची लेकर आया हूं. कंपनी की कोलकाता में 24 संपत्तियां हैं. दक्षिण 24 परगना के आमतला में महल जैसा कार्यालय भी है. ...हिसाब मांगा जाएगा." सभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने अगस्त 2024 के आरजी कर रेप और मर्डर मामले में पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल तथा पूर्व डीसी इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता को निलंबित किए जाने के अपने शुक्रवार के ऐलान का भी ज़िक्र किया.
'पिछली सरकार की असल करतूतें उजागर होंगी'
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "इस मामले में पहले ही तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है. जब जांच एजेंसियां उनके कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट सामने लाएंगी, तब पिछली सरकार की असल करतूतें उजागर होंगी. लोगों को पता चलेगा कि पिछली सरकार कितनी नीचे तक गिर गई थी." मुख्यमंत्री ने फाल्टा पुनर्मतदान में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान को भी चेतावनी दी.
हिंसा फैलाने वालों की लिस्ट तैयार...
मुख्यमंत्री ने कहा, "2021 के चुनाव बाद हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हिंसा में शामिल 199 आरोपियों को कुख्यात अपराधी घोषित किया था. उनमें एक जहांगीर भी था. पुनर्मतदान खत्म होने दीजिए, उसके पुराने कृत्यों के लिए कानून के तहत उचित कार्रवाई सुनिश्चित करूंगा." अधकारी ने यह भी कहा कि उन्होंने दक्षिण 24 परगना पुलिस को 2021 की चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों और हिंसा फैलाने वालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि एक भी गुंडा घर में नहीं रहेगा. महिलाओं पर अत्याचार करने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे."
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TMC नेता बोले- चुनिंदा FIR गलत
मुख्यमंत्री का अभिषेक बनर्जी पर हमला टीएमसी के डायमंड हार्बर सांसद के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणियों के लिए बिधाननगर साइबर क्राइम में एफआईआर दर्ज होने के एक दिन बाद आया है. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ साजिश रची जा रही है. अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर टीएमसी नेता तन्मय घोष ने कहा, "हमने भाजपा नेताओं के कई भड़काऊ बयान सुने हैं. मेरा मानना है कि राजनीति गरिमा के साथ की जानी चाहिए. इस तरह की चुनिंदा एफआईआर गलत हैं. यह सभी पर लागू होना चाहिए. टीएमसी के चुनाव हारने के कारण केवल अभिषेक के खिलाफ ही क्यों? यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है."
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