- आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में हिट एंड रन का शिकार हुई डॉ. प्रियंका की 6 दिन बाद मौत हो गई.
- घटना के बाद सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है.
- सीएम ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
शराब के नशे और रफ्तार के कहर ने आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में एक होनहार मेडिकल छात्रा की जिंदगी को हमेशा के लिए खत्म कर दी. 3 अगस्त की रात करीब 10 बजे हुई इस घटना में मेडिकल छात्रा डॉ. प्रियंका की स्कूटी को शराब के नशे में दो कार युवकों ने जोरदार टक्कर मार दी थी, वे उसे कुचलते हुए भाग निकले थे. हादसे में छात्रा बुरी तरह घायल हो गई थी. जहां 6 दिन तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई थी. घटना पर सीएम चंद्रबाबू नायडू ने गहरा दुख जताया है, उन्होंने पीड़ित छात्रा के परिवार को 20 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है. जबकि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है.
राजमहेंद्रवरम में कैसे हुई थी घटना
दरअसल, डॉ. प्रियंका राजमहेंद्रवरम में अपने साथी उमेश के साथ एक शॉपिंग मॉल में फिल्म देखकर बाहर निकली थीं. उस वक्त रात के 10 बज रहे थे. इसी दौरान शराब के नशे में धुत कार सवार दो युवक एस दसवांत और एंड्रयू जोसेफ एडवर्ड्स का मॉल के सुरक्षाकर्मियों से झगड़ा हो गया, जिसके बाद दोनों गुस्से कार चलाकर बाहर निकले और डॉ. प्रियंका की स्कूटी को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भयानक थी कि प्रियंका और उमेश सड़क पर गिर पड़े, आरोपी अपनी कार रोकने के बजाय प्रियंका के सिर और चेहरे को कुचलते हुए फरार हो गए, जबकि उमेश भी घायल हो गया.
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6 दिन वेंटिलेटर पर रही डॉ प्रियंका
डॉ. प्रियंका को तुरंत जीएसएल अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया. उन्हें हैदराबाद रेफर किया गया, जहां 6 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रही प्रियंका ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पीड़ित परिवार को तुरंत 20 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है.
आरोपी युवक गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों आरोपियों को 6 अगस्त को ही गिरफ्तार कर लिया था. उन्हें 21 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. वहीं इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों और उनके परिवार में भारी आक्रोश दिख रहा है. सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही है. मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि निर्दोषों की जान से खेलने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. बताया जा रहा है कि प्रियंका अपने परिवार की पहली डॉक्टर थी, लेकिन एक घटना ने हंसता खेलता परिवार उजाड़ दिया.
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