दिल्ली में कोरोना के तेजी से बढते मामलों को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने साल का पहला प्रेस ब्रीफिंग वर्चुअल तौर पर किया. चीन पर कई सवालों का जवाब देते हुए उसे खरी खरी सुनाई. पैंगोंस सो झील पर चीन के पुल बनाने पर प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि चीन जहां पर पुल बना रहा है वो इलाका पिछले 60 सालों से चीन के अवैध कब्जे में है. भारत इस पर करीबी नजर रखे हुए है और ऐसे अवैध कब्जे को कभी नहीं माना है. पिछले सालों में सरकार ने इस बात का खयाल रखा है कि हमारी सुरक्षा जरूरतें पूरी तरह से ध्यान में रखी जाएं. साथ ही पिछले सात सालों में इस इलाके के लिए बजट में खासी बढ़ोतरी की गई - इलाके में इंफ्रास्ट्रकचर - जैसे पहले से कहीं ज्यादा सड़कें, पुल वगैरह बनाई है. इससे यहां लोगों को काफी कनेक्टिविटी मिली है और सेना को मदद भी. सरकार ये करती रहेगी.
-
NDTV World Summit 2026: पाकिस्तान और आतंकवाद के सवाल पर क्या बोले एस. जयशंकर? -
भारत और फ्रांस में प्रदर्शनों पर UN का दोहरा रवैया, आंदोलनों के पीछे अक्सर बाहरी ताकतें- एस जयशंकर -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: 26/11 के जिक्र पर अमेरिका को जयशंकर का जबरदस्त जवाब -
'लोग ट्रैवल करते रहेंगे, दुनिया घूमना मुश्किल नहीं' - NDTV World Summit 2026 में बोले जुबिन करकारिया -
NDTV वर्ल्ड समिट 2026 | Marco Rubio से मुंबई में मुलाकात पर घिरे S Jaishankar, विपक्ष को दिया जवाब -
S Jaishankar EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026: Semiconductor Mission पर एस जयशंकर क्या कुछ बोले? -
एलन मस्क की उड़ने वाली गाड़ी नहीं, इस कार को पसंद करते हैं रेमंड चीफ गौतम सिंघानिया, खुद बताया कारण -
कंपनी को बचाने में खो दिया परिवार का बड़ा हिस्सा, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने बयां किया दर्द -
'2022 के संकट में भारत हमारे साथ खड़ा रहा'- NDTV World Summit में बोले श्रीलंका के मंत्री चतुरंगा अबेसिंघे -
विदेश में 2-3 दिन बाद क्यों याद आने लगता है घर का खाना? संयुक्ता नायर ने बताई दिलचस्प वजह
अरुणाचल के इलाकों को चीन के नाम देने पर बागची ने कहा कि हमने ये रिपोर्ट देखी है. चीन के निराधार दावों को बल देने की ये हास्यास्पद कोशिश है. उस वक्त भी हमने बयान दिया था टूटिंग को डोडेंग या सियोम नदी को शीयूमू या किबिथू या डाबा कहने से ये तथ्य बदल नहीं जाएगा कि अरुणाचल हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा. हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी हरकतें करने के बजाय चीन पश्चिमी सेक्टर में सीमा विवाद सुलझाने के लिए हमारे साथ सकरात्मक रूप से काम करे.
गलवान में चीनी झंडा फहराए जाने पर केंद्र सरकार की ‘चुप्पी' सेना का मनोबल तोड़ने वाली: कांग्रेस
दिल्ली में चीन के दूतावास के पोलिटिकल काउंसलर के तिब्बत के कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले सांसदों को चिट्ठी लिखने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उस चिट्ठी के सुर और तरीका ठीक नहीं था. चीन को समझना चाहिए कि भारत एक लोकतंत्र है और अपने विश्वास और राय के मुताबिक नेता ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि एक सामान्य गतिविधि को चीन बेवजह तूल ना दे और हमारे द्विपक्षीय रिश्ते को और ना उलझाए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं