- CBI की जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी का पेपर लीक हो चुका था.
- जांच में कोचिंग संस्थानों के शिक्षक, डॉक्टर और बिचौलियों की भूमिका सामने आई है.
- CBI ने देशभर में विशेष टीमें बनाईं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की.
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बड़ा खुलासा किया है. जांच एजेंसी की पड़ताल में सामने आया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने का मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैले एक संगठित नेटवर्क के जरिए इसे अंजाम दिया गया.
CBI की जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही NEET-UG 2026 के फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के कुछ सवाल कुछ लोगों तक पहुंच चुके थे. इन सवालों को पैसे के बदले छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है.
इस पूरे मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विशेषज्ञ, कोचिंग संस्थानों के शिक्षक, डॉक्टर और बिचौलियों की भूमिका सामने आई है.
कैसे खुला पेपर लीक का मामला?
NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद कुछ शिकायतें और इनपुट सामने आए, जिनमें परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल उठाए गए. इनपुट मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के लिए CBI को शिकायत भेजी.
CBI ने 12 मई 2026 को इस मामले में FIR दर्ज की. जांच एजेंसी ने शुरुआती जांच में संदिग्धों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान सामने आया कि कुछ छात्रों को परीक्षा से पहले ऐसे सवाल उपलब्ध कराए गए थे, जो बाद में असली NEET-UG 2026 प्रश्न पत्र में पाए गए. यहीं से पेपर लीक की पूरी साजिश की कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं.
- 12 मई 2026: CBI ने दर्ज किया केस
- CBI ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज किया.
- FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई शुरू की गई.
- मामला दर्ज होने के बाद CBI ने देशभर में विशेष टीमें बनाईं और संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की.
- पहली कार्रवाई: जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से गिरफ्तारी
- जांच के शुरुआती चरण में CBI ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया.
इन आरोपियों की पहचान
- शुभम खैरनार-नासिक
- मंगीलाल बिवाल-जयपुर
- विकास बिवाल-जयपुर
- दिनेश बिवाल-जयपुर
- यश यादव-गुरुग्राम
इन आरोपियों से पूछताछ के बाद CBI को पेपर लीक नेटवर्क की अहम जानकारी मिली. जांच आगे बढ़ी तो इसका कनेक्शन महाराष्ट्र के पुणे, लातूर और अहिल्यानगर तक पहुंचा.
पेपर लीक का तरीका आया सामने
CBI की जांच में सामने आया कि पेपर लीक करने के लिए एक पूरा नेटवर्क बनाया गया था. आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ लोगों ने प्रश्न पत्रों तक पहुंच बनाई. इसके बाद इन सवालों को बिचौलियों के जरिए ऐसे छात्रों तक पहुंचाया गया, जो इसके लिए लाखों रुपये देने को तैयार थे. छात्रों को विशेष कोचिंग क्लास के नाम पर बुलाया जाता था और परीक्षा में आने वाले सवाल पहले ही बताए जाते थे.
बायोलॉजी पेपर लीक: मनीषा मंधारे की भूमिका
जांच के दौरान CBI को बायोलॉजी विषय के सवाल लीक होने की जानकारी मिली. इसके बाद पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया गया. CBI के अनुसार, मनीषा मंधारे NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी थी और NTA द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थी.
उसके पास बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी. आरोप है कि अप्रैल 2026 में उसने पुणे स्थित अपने घर पर कुछ छात्रों के लिए विशेष क्लास आयोजित की. इन छात्रों को मनीषा वाघमारे के जरिए जुटाया गया था. इन कक्षाओं में छात्रों को बायोलॉजी के ऐसे सवाल बताए गए जो बाद में असली NEET-UG 2026 पेपर में पाए गए. छात्रों से कहा गया था कि वे इन सवालों को नोटबुक में लिखें और किताबों में चिन्ह लगाएं.
फिजिक्स पेपर लीक: NTA विशेषज्ञ मनीषा हवालेदार गिरफ्तार
इसके बाद जांच फिजिक्स विषय तक पहुंची. CBI ने मनीषा संजय हवालेदार को गिरफ्तार किया. वह पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत थी और NEET-UG परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त थी. CBI के मुताबिक, उसके पास फिजिक्स के प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी. आरोप है कि अप्रैल 2026 में उसने फिजिक्स के कुछ सवाल आरोपी मनीषा मंधारे को साझा किए. जांच में पाया गया कि ये सवाल NEET-UG 2026 के असली पेपर से मेल खाते थे.
पुणे कोचिंग शिक्षक तेजस शाह गिरफ्तार
फिजिक्स पेपर लीक की जांच आगे बढ़ी तो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) के शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह का नाम सामने आया. CBI के अनुसार, तेजस शाह ने मनीषा हवालेदार से मिले फिजिक्स के लीक सवाल हासिल किए. आरोप है कि उसने इन सवालों को आगे छात्रों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई.
केमिस्ट्री पेपर लीक: डॉक्टर मनोज शिरूरे की गिरफ्तारी
इसके बाद CBI ने लातूर के डॉक्टर मनोज शिरूरे को गिरफ्तार किया. जांच में आरोप है कि डॉक्टर शिरूरे ने केमिस्ट्री विषय के लीक सवाल छात्रों तक पहुंचाने में मदद की. CBI के मुताबिक, आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से मिले केमिस्ट्री के सवाल तीन छात्रों तक पहुंचाए गए. इन छात्रों में एक छात्र उस कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी बताया गया है, जो इस मामले में आरोपी है.
बिचौलियों की भूमिका
जांच में सामने आया कि छात्रों और पेपर लीक करने वालों के बीच बिचौलियों की अहम भूमिका थी. ये लोग छात्रों को तलाशते थे और उन्हें विशेष क्लास तक पहुंचाते थे. CBI का आरोप है कि इन छात्रों से लाखों रुपये लिए गए. CBI ने इस मामले में देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया.
छापेमारी के दौरान एजेंसी ने जब्त किए
- मोबाइल फोन
- लैपटॉप
- दस्तावेज
- बैंक रिकॉर्ड
- डिजिटल सामग्री
इन सभी की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. CBI यह पता लगाने में जुटी है कि सवाल सबसे पहले किसके पास पहुंचे और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे.
13 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
अब तक गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से जुड़े पाए गए हैं. CBI की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में जांच कर रही हैं. एजेंसी का कहना है कि जांच जारी है, आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
CBI ने साफ किया है कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पूरे मामले में CBI की जांच जारी है और आने वाले दिनों में पेपर लीक की पूरी साजिश तथा इसमें शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है.
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