पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने बड़ा फैसला किया है. पार्टी ने मुर्शिदाबाद जिले की रानीनगर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए जुल्फिकार अली को विधानसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इसकी जानकारी दी है. वहीं दूसरे विधायक मुताब शेख को सदन में उपनेता बनाया है. हाल ही में हुए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 2 सीटें मिली थी. जहां अब पार्टी ने सदन में दोनों ही विधायकों को अहम जिम्मेदारी सौंप दी है. इससे पहले जुल्फिकार अली और मुताब शेख ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी दिल्ली में मुलाकात की थी.
जुल्फिकार अली को बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने जुल्फिकार अली को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और भविष्य में उन्हें एक नए नेता के तौर पर पेश किया है. जुल्फिकार अली मुर्शिदाबाद जिले के प्रभावशाली उभरते हुए नेता माने जाते हैं. जुल्फिकार जिले के एक कारोबारी भी हैं. नामांकन में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 18.82 करोड़ रुपए बताई है. जबकि उन पर कुछ देनदारियां भी हैं. अब उन्हें विधानसभा में बीजेपी सरकार के सामने पार्टी और अपने विधानसभा क्षेत्रों की आवाज उठाने की जिम्मेदारी कांग्रेस ने सौंपी है. उन्होंने विधानसभा चुनाव में टीएमसी के अब्दुल सोमिक हुसैन को 2,701 वोटों से मात दी. जुल्फिकार को 79,423 वोट मिले, जबकि अब्दुल सौमिक हुसैन को 76,722 वोट हासिल हुए.
मुताब शेख को बनाया उपनेता
वहीं पार्टी के दूसरे विधायक मुताब शेख को कांग्रेस ने सदन में उपनेता बनाया है. मुताब मुर्शिदाबाद की फरक्का सीट से विधायक चुने गए हैं. वह चुनाव के दौरान चर्चा में भी रहे थे. क्योंकि SIR में उनका नाम कट गया था. ऐसे में उनके चुनाव लड़ने पर ही सस्पेंस था. हालांकि बाद में उनका नाम कोर्ट के माध्यम से लिस्ट में जुड़ गया था. जिसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. मुताब शेख ने चुनाव में बीजेपी के सुनील चौधरी को 8,193 वोटों से हराया था. पार्टी ने उन्हें सदन में उपनेता मनाया है. चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी संपत्ति 17 करोड़ रुपए है.
पश्चिम बंगाल में 2021 की अपेक्षा कांग्रेस को लिए 2026 का विधानसभा चुनाव अच्छा ही रहा है. क्योंकि इस चुनाव में पार्टी को 2 सीटें मिली हैं. लेकिन पिछले चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी. फिलहाल पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी शुभंकर सरकार के पास है. जबकि पार्टी ने दोनों विधायकों को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है.
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