विज्ञापन
Story ProgressBack

नौकरी के नाम पर भारतीयों को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेलने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जानें- कैसे करता था ये काम

रूस वार जोन में अवैध तरीके से युवाओं को भेजने के मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, 24 अप्रैल को मुंबई से निजिल जॉबी बेनसन एंथोनी माइकल को भी गिरफ्तार किया गया था.

Read Time: 3 mins
नौकरी के नाम पर भारतीयों को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेलने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जानें- कैसे करता था ये काम
नई दिल्ली:

बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा विदेश में अच्छी नौकरी और अच्छे पैसे कमाने के उद्देश्य से विदेश जाते हैं, लेकिन कई बार यह युवा धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं. CBI ने रूस रूस-यूक्रेन युद्ध में अवैध तरीके से युवाओं को भेजने के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, आज इस मामले में 2 आरोपी की गिरफ्तारी हुई है. युवाओं को अच्छी नौकर का सपना दिखाकर रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में भेजा जा रहा था. आरोपी अरुण और येसुदार को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिरुवनंतपुरम, केरल निवासी के रुप में हुई है.

रूस वार जोन में अवैध तरीके से युवाओं को भेजने के मामले में CBI ने मार्च में केस दर्ज किया था. 24 अप्रैल को मुंबई से निजिल जॉबी बेनसन एंथोनी माइकल को भी गिरफ्तार किया गया था. निजिल जॉबी बेनसन रूस में ट्रांसलेटर के तौर काम करता है और इस गैंग का प्रमुख सदस्य है. वो भारतीय छात्रों को रसियन आर्मी में भर्ती करवाता है.

आरोपी माइकल एंथोनी दुबई में बैठे दूसरे आरोपी फैसल बाबा की मदद करता है. वो चेन्नई से लोगों के वीजा जुड़े काम और एयरलाइन के टिकट बुक करवाता था. आरोपी अरुण और येसुदास केरल और तमिलनाडु से छात्रों को रसियन आर्मी के लिए भर्ती करते थे.

प्राइवेट वीजा कंसल्टेंसी की अलग अलग कपनियां वीडियो, यूट्यूब के माध्यम से वीडियो बनाकर उन युवाओं से कनेक्ट होते थे, जो विदेश में नौकरी के इच्छुक होते है. इन युवाओं को कहा जाता है कि अलग-अलग किस्म की जॉब है, जैसे डिलीवरी बॉय. रशिया आर्मी में जॉब के लिए युवाओं से कहते हैं आपको टैंक नहीं चालाना न है ना ही कोई युद्ध मे जाना है.

 बीते दिनों में सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CBI) ने मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था. ये नेटवर्क विदेश में नौकरी दिलाने की आड़ में भारतीयों को रूस-यूक्रेन युद्ध क्षेत्र में ले जाता था. यहां उन्हें रूस की तरफ से जंग लड़ने को मजबूर किया जाता था. CBI की टीम ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम, अंबाला, चंडीगढ़ और मदुरै में की छापेमारी की थी. एजेंसी ने इन 7 शहरों मे करीब 10 ठिकानों में रेड मारी थी. कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था. 

ये भी पढे़ं:- 
"हिंसा का महिमामंडन..." : भारत ने खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर की कनाडा की आलोचना

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
तबीयत बिगड़ने के बाद जल संकट पर आतिशी का अनिश्चितकालीन अनशन खत्म, AAP सांसद पीएम मोदी को लिखेंगे पत्र
नौकरी के नाम पर भारतीयों को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेलने वाले गिरोह का भंडाफोड़, जानें- कैसे करता था ये काम
5 से 6 लाख रुपए में बेचे गए UGC-NET के पेपर, CBI के हाथ लगे कई सबूत
Next Article
5 से 6 लाख रुपए में बेचे गए UGC-NET के पेपर, CBI के हाथ लगे कई सबूत
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;