पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात की.
कैप्टन अमरिंदर सिंह की अमित शाह और जेपी नड्डा से ये मुलाकातें ऐसे समय हुई हैं, जब उनके कांग्रेस में वापसी की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, इन मुलाकातों के साथ ही उनके कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है.
हालांकि, इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई? इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आ पाई है. कैप्टन अमरिंदर ने दोनों मुलाकातों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए इतना ही लिखा है कि पंजाब से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
Had a meeting with Union Home Minister Shri Amit Shah Ji today in New Delhi and discussed various issues concerning Punjab.@AmitShah pic.twitter.com/ryzH7XJyLa
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) June 6, 2026
Met Union Minister of Health and Family Welfare Shri J.P. Nadda Ji in New Delhi today and discussed various issues concerning Punjab.@JPNadda pic.twitter.com/WLWADBq4rV
— Capt.Amarinder Singh (@capt_amarinder) June 6, 2026
यह मुलाकात इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि हाल ही में कई मौकों पर कैप्टन अमरिंदर ने बीजेपी पर उनसे राय-मशविरा न लेने को लेकर नाराजगी जताई थी.
कांग्रेस में नहीं जाएंगे कैप्टन?
2021 के विधानसभा चुनावों से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आ गए थे. माना जा रहा था कि कैप्टन अमरिंदर बीजेपी से नाराज चल रहे हैं और कांग्रेस में वापसी करना चाहते हैं.
हाल ही में, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपिंदर हुड्डा ने ये कहकर कैप्टन अमरिंदर के कांग्रेस में वापसी की अटकलों को हवा दे दी थी कि वह कांग्रेस के संपर्क में हैं.
हालांकि, अब अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद लगभग-लगभग साफ हो गया है कि कैप्टन फिलहाल तो कहीं नहीं जा रहे और बीजेपी में ही बने रहेंगे.
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बीजेपी से नाराज तो हैं कैप्टन?
कैप्टन अमरिंदर बीजेपी से भी थोड़े नाराज चल रहे हैं. हाल ही में जब बीजेपी ने केवल सिंह ढिल्लों को अपना प्रदेश अध्यक्ष चुना था तो कैप्टन अमरिंदर ने कहा था कि बीजेपी ने इस मामले में उनसे राय नहीं ली थी. जब केवल सिंह ढिल्लों ने अपना पद संभाला था, तो बीजेपी के तमाम बड़े नेता यहां मौजूद थे लेकिन कैप्टन अमरिंदर यहां नहीं आए थे.
बीजेपी के काम करने के तरीकों पर भी कैप्टन अमरिंदर कई बार सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने कई बार कहा है कि पंजाब से जुड़े मामलों में कांग्रेस की लीडरशिप उनसे अक्सर सलाह लेती थी लेकिन बीजेपी में फैसले लेने की प्रक्रिया ज्यादा सेंट्रलाइज्ड है.
इतना ही नहीं, कैप्टन अमरिंदर कई बार 2027 के चुनाव के लिए बीजेपी को अकाली दल से गठबंधन करने का सुझाव दे चुके हैं. लेकिन बीजेपी साफ कर चुकी है कि 2027 का चुनाव अकेले ही लड़ा जाएगा.
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