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कनाडा के पीएम आज आएंगे भारत, CEPA की क्यों चर्चा, समझौते से क्या फायदा होगा?

एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कनाडा (ईडीसी) के एक अधिकारी ने कहा कि कनाडा खुद को भारत को क्रिटिकल मिनिरल्स और एनर्जी उपलब्ध कराने में एक स्थिर और निरंतर भागीदार के रूप में देखता है.

कनाडा के पीएम आज आएंगे भारत, CEPA की क्यों चर्चा, समझौते से क्या फायदा होगा?
मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में सुधार हुआ है.
  • भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता सीईपीए पर बातचीत 2010 में शुरू हुई और कई बार रुकी भी है
  • इस समझौते से भारत से कनाडा निर्यात होने वाले उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती और बाजार पहुंच में वृद्धि होगी
  • कनाडा भारत को क्रिटिकल मिनिरल्स और ऊर्जा प्रदान करने का स्थिर भागीदार बनने की दिशा में प्रयासरत है
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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च, 2026 तक भारत की यात्रा पर रहेंगे. यह यात्रा उनकी तीन देशों की इंडो-पैसिफिक यात्रा का पहला पड़ाव है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और जापान भी शामिल हैं. कनाडा के पीएम की भारत यात्रा के बीच CEPA चर्चा में है. CEPA का फुल फॉर्म Comprehensive Economic Partnership Agreement है. यह एक मुक्त व्यापार समझौता है (FTA) है.

CEPA पर कब से हो रही बात

CEPA के तहत भारत और कनाडा का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है. भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता साल 2010 में शुरू हुई थी. हालांकि विभिन्न मुद्दों के कारण कई बार ये रुक चुकी है. नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत को औपचारिक रूप से फिर से शुरू करने पर सहमति जताने के बाद समझौते को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को गति मिली है.

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CEPA में क्या-क्या शामिल

प्रस्तावित समझौते में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, कृषि और डिजिटल वाणिज्य सहित कई क्षेत्रों को शामिल किए जाने की उम्मीद है. विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत शुरू करने पर सहमति व्यक्त की.

फायदा क्या होगा

  1. टैरिफ में कटौती: भारत से निर्यात होने वाले उत्पादों (जैसे कपड़े, गहने और दवाइयों) पर आयात शुल्क कम होगा, जिससे वे कनाडा में सस्ते होंगे.
  2. बाजार पहुंच: कनाडाई कृषि उत्पादों (जैसे दालें और फल) और उच्च-तकनीकी मशीनरी को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी.
  3. डिजिटल ट्रेड और मोबिलिटी: यह समझौता डिजिटल कॉमर्स और प्रोफेशनल्स की आवाजाही को आसान बनाएगा.

कनाडा क्या सोच रहा

एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कनाडा (ईडीसी) के एक अधिकारी ने कहा कि कनाडा खुद को भारत को क्रिटिकल मिनिरल्स और एनर्जी उपलब्ध कराने में एक स्थिर और निरंतर भागीदार के रूप में देखता है, क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं.कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान, एक्सपोर्ट डेवलपमेंट कनाडा (ईडीसी) के उपाध्यक्ष और वैश्विक प्रमुख तुषार हांडेकर ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई.

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Photo Credit: Wikimedia Commons

क्या डील के करीब

तुषार ने कहा, “ईडीसी की ओर से, हम व्यापारिक दृष्टि से अपने द्विपक्षीय प्रयासों की निरंतरता की उम्मीद करते हैं. कनाडा और भारत के बीच पहले से ही काफी व्यापार हो रहा है. प्रधानमंत्री की इस भारत यात्रा के माध्यम से, हम इस व्यापार को और बढ़ाने और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार के लिए आवश्यक शर्तों को स्पष्ट करके व्यापार प्रवाह को सुगम बनाने की आशा करते हैं. हम समय के साथ मुक्त व्यापार समझौते की उम्मीद करते हैं और एक द्विपक्षीय समझौते की आशा करते हैं, जो दोनों देशों के बीच सुगम व्यापार की क्षमता को और मजबूत करेगा.”

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