अंतरिक्ष की सैर कर पाना किसी भी राजनेता के लिए बेहद कीमती अनुभव हो सकता है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के प्रमुख तथा अमेरिकी सीनेटर बिल नेल्सन ने NDTV से यह बात कही. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी अगले साल के अंत में दो हफ़्ते के वैज्ञानिक मिशन की खातिर अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन जाने के लिए एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को प्रशिक्षण देने जा रही है.
जब NASA प्रमुख से पूछा गया कि क्या भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरिक्ष यात्री बन सकते हैं, भारत यात्रा पर आए बिल नेल्सन ने कहा कि वह स्वयं भी राजनेता के तौर पर स्पेस शटल में उड़ान भर चुके हैं, और PM नरेंद्र मोदी भी 'स्पेस अफ़िशनाडो' (space aficionado), यानी अंतरिक्ष को लेकर बेहद उत्सुक शख्सियत हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
उन्होंने यह भी कहा, "अंतरिक्ष की सैर कर पाना किसी भी राजनेता के लिए बेहद कीमती अनुभव हो सकता है, किसी राष्ट्र प्रमुख के लिए तो और भी ज़्यादा... अंतरिक्ष से कोई राजनीतिक सरहदें नहीं रहतीं, कोई धार्मिक या नस्ली सरहदें भी नहीं रहतीं... हर कोई एक पृथ्वी का नागरिक होता है..."
NASA इस परियोजना के तहत पहली महिला तथा पहले अश्वेत व्यक्ति को चंद्रमा पर भेजने की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि भारत "सक्रिय साझीदार हो सकता है, क्योंकि हम ब्रह्मांड-रूपी समुद्र में स्टार सेलरों की तरह पूरे ब्रह्मांड में काम करते हैं..."
यह पूछे जाने पर कि आर्टेमिस परियोजना के लिए NASA को भारत से क्या उम्मीदें हैं, बिल नेल्सन ने कहा कि चंद्रमा से जुड़े मिशनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बहुत सारे अवसर होंगे और चुनिंदा मुद्दों पर फ़ैसले लिया जाना अभी बाकी है.
उन्होंने बताया, अपनी 'निरंतर उपस्थिति' की खातिर अमेरिका चंद्रमा पर और फिर मंगल ग्रह पर जा रहा है, और बहुत से देश साझीदारी के इच्छुक हैं.
यह लगभग 50 सालों में NASA के अंतरिक्ष यात्रियों की चंद्रमा की पहली यात्रा होगी. नील आर्मस्ट्रॉन्ग और एडविन एल्ड्रिन 1969 में चंद्रमा पर उतरने वाले पहले व्यक्ति थे.
NASA और ISRO की समान साझीदारी के अंतर्गत ऑपरेट किया जाने वाला उपग्रह वर्ष 2024 की पहली तिमाही में श्रीहरिकोटा से उड़ान भरेगा. यह उपग्रह जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी का स्वरूप बिगड़ने पर नज़र रखेगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं