पल्लव बागला
Pallava Bagla. A highly respected voice on Indian television, he is a leading Indian science communicator, widely respected for his deep understanding of the country’s science and technology landscape. Known for explaining complex ideas in simple language. His pioneering coverage of India’s Moon, Mars and Human (Chandrayaan, Mangalyaan and now Gaganyaan) missions on New Delhi Television, where he is the Science Editor, has been widely acclaimed. Over two decades, his reporting for the global journal Science has showcased India to the world included defence and nuclear coverage. A three-time National Award winner, he also received the prestigious David Perlman Award for Excellence in Science Journalism in 2010, considered the `Oscar of Science Journalism’ and the Red Ink Awards including the agriculture journalism award from The World Bank’s agriculture unit. He has also held key leadership roles in global science journalism bodies like the World Federation of Science Journalists and was two term President of the International Science Writers Association. He has authored over a dozen books and a well-known photographer.
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चंद्रयान-3 के 'लूनर हॉप' ने खोले चंद्रमा के बड़े रहस्य, वैज्ञानिक भी हैरान
चांद पर विक्रम लैंडर की सिर्फ 50 सेंटीमीटर की छलांग ने खोल दिए बड़े राज. इसरो के चंद्रयान-3 मिशन ने शिव शक्ति पॉइंट पर ऐसी खोज की है जिसने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया. पढ़िए ये खास रिपोर्ट.
- मई 21, 2026 14:41 pm IST
- Written by: पल्लव बागला, Edited by: अभिजीत श्रीवास्तव
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भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर बाजार, अमेरिकी कंपनियों की लगी कतार
भारत अगले 21 सालों के भीतर अपनी न्यूक्लियर पावर क्षमता 100 गीगावॉट तक बढ़ाना चाहता है, इसमें अमेरिका की इतनी दिलचस्पी क्यों है?
- मई 20, 2026 15:06 pm IST
- Written by: पल्लव बागला, Edited by: अभिजीत श्रीवास्तव
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युद्ध के समय न्यूक्लियर प्लांट्स को सुरक्षा की जरूरत... अबू धाबी परमाणु ऊर्जा संयत्र पर ड्रोन हमले से चिंता में US न्यूक्लियर एक्सपर्ट
UAE Nuclear Plant Attack: एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में वाशिंगटन स्थित परमाणु ऊर्जा संस्थान की अध्यक्ष और सीईओ मारिया कोर्सनिक ने कहा कि हमारी जानकारी के मुताबिक, संयंत्र सही से काम कर रहे हैं और किसी भी सिक्योरिटी सिस्टम को कोई नुकसान नहीं हुआ है. सिर्फ एक बैकअप जनरेटर तक ही हमले का प्रभाव देखा गया.
- मई 19, 2026 07:03 am IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: श्वेता गुप्ता
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खाद्य तेलों में आत्मनिर्भर क्यों नहीं हो पाया है भारत, किस मिशन पर सरकार कर रही है काम
भारत के लिए कितना जरूरी है खाद्य तेलों के उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होना. खाद्य तेलों के आयात पर कितनी विदेशी मुद्रा खर्च होती है और आत्मनिर्भरा के लिए नरेंद्र मोदी सरकार कौन सा मिशन चला रही है.
- मई 13, 2026 18:27 pm IST
- Written by: पल्लव बागला
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पोखरण एनीवर्सरी: परमाणु परीक्षण के बावजूद भारत की कूटनीति ने कैसे खुद को ईरान जैसे हालात से बचाया?
परमाणु परीक्षणों के साथ-साथ उसके बाद की घटनाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं. केवल परमाणु क्षमता से ही भारत अंतरराष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल नहीं हो सका. इसके लिए उच्च कोटि की निरंतर कूटनीति भी काम आयी.
- मई 11, 2026 07:30 am IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: चंदन वत्स
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480 रुपए में एक आम और मिनटों में स्टॉक खत्म... गामा रेडिएशन किरणों से गुजरकर कैसे अमेरिका पहुंचता है भारतीय आम
Indian Mangoes in US: अमेरिका में भारतीय आमों के प्रति गजब की दीवानगी है. यहां 400 से 500 रुपए प्रति आम की कीमत चुकाने के बाद भी मिनटों में स्टॉक खत्म हो जाती है. अमेरिका भेजे जाने इन भारतीय आमों को परमाणु ऊर्जा केंद्र में गामा रेडिएशन किरणों से गुजारा जाता है. आइए इसका पूरा प्रोसेस जानते हैं?
- मई 07, 2026 08:17 am IST
- Written by: पल्लव बागला, Edited by: प्रभांशु रंजन
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भारत के लिए गेमचेंजर होगी 'दृष्टि', अंतरिक्ष की ये नई उड़ान बढ़ाएगी चीन-पाकिस्तान का टेंशन
Drishti Satellite: मिशन दृष्टि को रणनीतिक नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है. यह देश को लगातार और हर मौसम में पृथ्वी की निगरानी की क्षमता प्रदान करता है. रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके सक्रिय होने से चीन और पाकिस्तान जैसी पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ना तय है.
- मई 03, 2026 16:40 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: अभिषेक पारीक
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IIT में सोचा, बेंगलुरु स्टार्टअप में बनाया, मस्क के रॉकेट से जा रहा सैटेलाइट चीन-पाकिस्तान को करेगा बेचैन
Drishti Satellite होता तो हम पाकिस्तान के आतंकी अड्डों की साफ तस्वीरों के लिए अमेरिका के मोहताज न होते
- मई 03, 2026 13:09 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: उत्कर्ष गहरवार
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स्पेस में भारत की तीसरी आंख, बादलों के पार भी देखेगा स्वदेशी 'Drishti' सैटेलाइट, जानें क्यों है खास
GalaxEye Drishti Satellite: GalaxEye के सीईओ सुयश सिंह ने बताया कि दृष्टि (Drishti) भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर सैटेलाइट है, जिसका वजन करीब 170 किलो है.
- मई 03, 2026 11:22 am IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: शुभम उपाध्याय
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परमाणु ऊर्जा की जिस राह पर ठिठक गए अमेरिका-जापान, उस पर आगे क्यों बढ़ा भारत? PFBR बनाएगा सदियों तक आत्मनिर्भर
कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) शुरू हो चुका है. आने वाले महीनों में धीरे-धीरे इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी. अगर सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत से यहां बिजली उत्पादन शुरू हो सकता है.
- मई 02, 2026 18:57 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: मनोज शर्मा
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57 साल पुराने तारापुर पावर प्लांट को मिला नया जीवन, परमाणु रिएक्टरों को फिर से किया गया चालू
भारत ने तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र के 57 साल पुराने रिएक्टरों की मरम्मत की. ये काम इतना मुश्किल था कि इसे ओपन हार्ट सर्जरी बताया गया. अब तारापुर दुनिया का सबसे पुराना ऐसा परमाणु संयंत्र बन गया है, जो आज भी काम कर रहा है.
- अप्रैल 29, 2026 13:09 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: शुभम उपाध्याय
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स्पेस से कैसे वापस आएंगे 'गगनयान' के अंतरिक्ष यात्री? भारतीय एयरफोर्स ने ISRO के साथ किया ट्रायल, VIDEO
भारत अगले साल अपना गगनयान मिशन लॉन्च कर सकता है. इससे पहले आज इसरो ने भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर एक खास टेस्ट किया.
- अप्रैल 10, 2026 20:21 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: अनुभव शाक्य
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NDTV EXCLUSIVE: न्यूक्लियर पावर में भारत की ऊंची छलांग, ये ऐतिहासिक कामयाबी बनेगी गेमचेंजर
कलपक्कम से आई ये खबर बहुत बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि के साथ-साथ भारत के ऊर्जा भविष्य की नई कहानी लिखने की शुरुआत है. NDTV ने इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च के निदेशक श्रीकुमार पिल्लई से इस पर खास बातचीत की.
- अप्रैल 10, 2026 13:13 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला
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वो 40 मिनट जब Artemis II का पृथ्वी से संपर्क टूट जाएगा... उस वक्त क्या होगा? क्यों रिस्की और अहम होगा वो समय
नासा का मून मिशन Artemis II चांद की ओर बढ़ रहा है. अब वो फेज आने वाला है, जिसका सबको इंतजार है. Artemis II की क्रू चांद के उस हिस्से के नजदीक होगी, जिसे आजतक कुछ ही इंसानों ने देखा है.
- अप्रैल 06, 2026 19:28 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: प्रियंक द्विवेदी
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चांद पर जाने वाली पहली महिला होंगी एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना, खुद का नाम रखा 'प्लंबर', करनी पड़ी टॉयलेट की मरम्मत
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन चांद की ओर रवाना, ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने पृथ्वी की निचली कक्षा छोड़ी. चार अंतरिक्ष यात्री गहरे अंतरिक्ष की यात्रा पर हैं.
- अप्रैल 03, 2026 13:43 pm IST
- Reported by: पल्लव बागला, Edited by: चंदन कुमार