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बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर अपनी ही कैंटीन में FDA की जांच, रेडिसन होटल का लाइसेंस बहाल

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को FDA की विशेष टीम ने हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान नोटिस जारी होने के बाद कैंटीन संचालक ने स्वेच्छा से कैंटीन बंद कर दी.

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर अपनी ही कैंटीन में FDA की जांच, रेडिसन होटल का लाइसेंस बहाल
बॉम्बे हाईकोर्ट
  • बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन को बार एसोसिएशन ने स्वेच्छा से अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है.
  • एफडीए की टीम ने हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों का निरीक्षण किया और साफ-सफाई के मानक उचित पाए गए हैं.
  • नवी मुंबई के पार्क इन बाय रेडिसन होटल का फूड लाइसेंस एफडीए के आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर बहाल किया है.

बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है. बॉम्बे बार एसोसिएशन ने जानकारी दी है कि उनकी कैंटीन और कॉफी वेंडर द्वारा दी जाने वाली सभी सेवाएं अगली सूचना तक रोक दी गई हैं. एसोसिएशन ने एक आधिकारिक नोटिस जारी कर साफ किया है कि कैंटीन बंद करने का यह फैसला उन्होंने पूरी तरह से 'स्वेच्छा' से लिया है.

बार एसोसिएशन ने इस बात पर जोर दिया कि 30 जुलाई को हुए निरीक्षण के बाद से उन्हें FDA की ओर से कोई भी प्रतिकूल संवाद, आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवी मुंबई के 5-स्टार 'पार्क इन बाय रेडिसन' का फूड लाइसेंस निलंबित करने का FDA का आदेश रद्द किया. जजों ने FDA से पूछा था- "क्या कभी कोर्ट की कैंटीन चेक की है?" और 31 जुलाई 2026 तक वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

एफडीए की टीम ने हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों का निरीक्षण किया

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और तत्काल निरीक्षण के आदेशों का पालन करते हुए, गुरुवार को एफडीए की एक विशेष टीम ने हाईकोर्ट परिसर की कैंटीनों का सघन निरीक्षण किया. FDA द्वारा तुरंत नोटिस जारी किए जाने के बाद, संचालक ने कैंटीन को स्वेच्छा से बंद कर दिया है. खबर है की कैंटीन में साफ-सफाई के मानक उचित पाए गए हैं, लेकिन अनिवार्य पंजीकरण न होने के चलते कार्रवाई की जा सकती है.

रेडिसन होटल का लाइसेंस बहाल

जजों ने कहा- "हम भारत में हैं, प्रैक्टिकल होना होगा." नवी मुंबई स्थित 'पार्क इन बाय रेडिसन' होटल के किचन में कॉकरोच मिलने पर FDA ने उसका लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिसे होटल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लगातार हुई सुनवाइयों के बाद आज एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र वी. घुगे और जस्टिस गौतम ए. अंकर की खंडपीठ ने FDA के फैसले को रद्द कर दिया.

पिछली सुनवाई में जब FDA ने मक्खी कीड़ों का जिक्र किया, तो बेंच में से एक जज ने मजाक में टिप्पणी करते हुए कहा था, "पिछले हफ्ते मेरी डेस्क पर ठीक मेरे सामने एक बड़ा कीड़ा बैठा था. अब हम क्या कर सकते हैं? हम भारत में हैं. हमें प्रैक्टिकल और असलियत को ध्यान में रखकर काम करना होगा."

होटल के वकीलों और कोर्ट ने माना कि केवल एक निरीक्षण रिपोर्ट या चेकलिस्ट के आधार पर लाइसेंस रद्द करने जैसा बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता. इसके लिए ठोस कारण और उचित प्रक्रिया जरूरी है. सुनवाई के दौरान अदालत ने FDA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि क्या उन्होंने कभी खुद हाईकोर्ट या अन्य सरकारी कैंटीनों का निरीक्षण किया है? अदालत ने FDA को 31 जुलाई 2026 तक वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ एक विस्तृत 'स्टेटस रिपोर्ट' दाखिल करने का निर्देश दिया. पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र FDA फूड सेफ्टी को लेकर काफी सख्त है और हाल ही में इसी अभियान के तहत क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (CCI) और MIG क्रिकेट क्लब समेत कई बड़े और प्रतिष्ठित क्लबों के फूड लाइसेंस भी सस्पेंड किए गए हैं.

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Bombay High Court, FDA Inspection
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