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Shivpal Singh Ban: जैवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन, सिल्वर-गोल्ड जीतकर की थी वापसी

ओलंपियन शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग के दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का प्रतिबंध लगाया गया.

Shivpal Singh Ban: जैवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन, सिल्वर-गोल्ड जीतकर की थी वापसी
Shivpal Singh
X/ Shivpal Singh olympian

पूर्व एशियाई सिल्वर मेडल विजेता और ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. एथलीट पर दूसरे डोपिंग अपराध के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के अनुशासनात्मक पैनल ने 10 साल का प्रतिबंध लगाया है. शिवपाल प्रतिबंधित पदार्थ मेथाएंडिएनोन के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए थे.

टोक्यो ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व

31 साल की उम्र में यह प्रतिबंध उनके खेल करियर का अंत कर सकता है. शिवपाल ने टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2019 एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतना है. दोहा में उन्होंने 86.23 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यह पदक हासिल किया था. हालिया मामलों में कार्रवाई का सामना करने वाले शिवपाल अकेले भारतीय एथलीट नहीं हैं.

धाविका एमवी जिल्ना भी पॉजिटिव मिलीं

धाविका एमवी जिल्ना को भी दूसरे डोपिंग उल्लघंन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया गया और वह मेफेंटरमाइन के लिए पॉजिटिव मिलीं. इससे पहले 2021 में शिवपाल का डोप सैंपल प्रतियोगिता से बाहर की गई जांच में एक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव आया था.

नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने अगस्त 2022 में उन्हें डोपिंग उल्लघंन का दोषी मानते हुए 2021 से चार साल का प्रतिबंध लगाया था. यह प्रतिबंध 2025 तक चलना था, लेकिन शिवपाल ने नाडा के अपील पैनल के सामने सफलतापूर्वक तर्क दिया कि उनकी डोप जांच में पॉजिटिव आने के पीछे ‘दूषित सप्लीमेंट्स' जिम्मेदार थे.

जनवरी 2023 में अपील पैनल ने उनकी दलील स्वीकार करते हुए प्रतिबंध को चार साल से घटाकर सिर्फ एक साल कर दिया. शिवपाल ने अप्रैल 2023 में वापसी की. उसी साल जून में भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता. इसके बाद उन्होंने गोवा में हुए 2023 राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल भी हासिल किया.

कौन हैं शिवपाल सिंह

दरअसल, शिवपाल सिंह भारतीय वायु सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) हैं, जोकि उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले हिंगुतारगढ़ गांव के रहने वाले हैं. शिवपाल को जैवलिन थ्रो का खेल विरासत में मिला है. उनके पिता रामाश्रय सिंह, चाचा शिवपूजन सिंह और जगमोहन सिंह भी जैवलिन थ्रोअर रहे हैं.

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(पीटीआई इनपुट के साथ)

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