- महिलाओं को 2029 से 30 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा
- बीजेपी 11 अप्रैल से देश में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस और महिला सम्मेलनों का आयोजन करेगी
- 100 शहरों में महिला सम्मेलनों में केवल महिलाएं ही वक्ता और प्रतिभागी होंगी
लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 2029 से 33% आरक्षण लागू करने को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए बीजेपी देश भर में माहौल बनाने में जुट गई है. इसके लिए अगले सप्ताह संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें संविधान संशोधन बिल पारित कराए जाएंगे. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को देखते हुए इसे महिला मतदाताओं को लुभाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने संगठन को निर्देश गया है कि संसद में बिल पारित होने के ऐतिहासिक क्षण से पहले ही जन-जागरूकता और जन-समर्थन जुटाने के लिए 11 अप्रैल से देशव्यापी गतिविधियां शुरू कर दी जाएं.
100 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, महिला सम्मेलनों की खास रणनीति
इसके तहत 11 से 13 अप्रैल के बीच देश के 100 प्रमुख शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होंगी. बड़े शहरों में दो-दो प्रेस कांफ्रेंस होंगी. इसके साथ ही देश के 15 प्रमुख शहरों में टाउन हॉल कार्यक्रमों का आयोजन होगा. इनमें समाज की प्रतिष्ठित महिला हस्तियां अपनी बात रखेंगी. पार्टी ने इस बार शक्ति प्रदर्शन के लिए एक अनूठी कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत 100 स्थानों पर होने वाले विशाल महिला सम्मेलनों के मंच पर केवल महिलाओं की ही उपस्थिति रहेगी और वक्ता भी महिलाएं ही होंगी. जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, वहां विपक्ष के नेता और केंद्रीय मंत्रियों को कमान सौंपी गई है. बीजेपी शासित राज्यों में स्वयं मुख्यमंत्री इन कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे.
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नारी शक्ति पदयात्रा और बाइक रैलियों से जमीनी पकड़ की कोशिश
अभियान का समापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के संबोधन के साथ होगा. जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए 15 और 16 अप्रैल को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' निकाली जाएगी. इन पदयात्राओं का नेतृत्व मशहूर महिला हस्तियां और सेलिब्रिटीज करेंगी. इन यात्राओं में विशेष रूप से 'लखपति दीदी' और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने वाली महिलाओं को जोड़ा जाएगा. इसी दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं द्वारा बाइक रैलियां भी निकाली जाएंगी, ताकि संसद सत्र से पहले नारी शक्ति के इस अधिनियम के समर्थन में एक ठोस माहौल तैयार किया जा सके.
मोदी सरकार के महिला सशक्तिकरण कदमों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी
बीजेपी सूत्रों के अनुसार प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया जाएगा कि कैसे पिछले 11 वर्षों में पीएम मोदी की अगुवाई में महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न क़दम उठाए गए हैं. इनमें स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों का निर्माण शामिल है जिन्हें इज्जतघर का नाम दिया गया. इसी तरह महिलाओं को धुए से बचाने के लिए उज्जवला योजना शुरू की गई. हर घर नल से जल पहुँचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है. यह भी बताया जाएगा कि कैसे विपक्ष महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़े अटका रहा है क्योंकि वह चाहता था कि आरक्षण को लेकर सरकार विधेयक अगले महीने लाए।.
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