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SIR पर तैयार है बीजेपी की जवाबी रणनीति, सड़क से सभा तक, होगा विपक्ष से दो-दो हाथ

बीजेपी विपक्ष की एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन पर बड़ा प्लान बना चुकी है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री भी विपक्ष के खिलाफ सड़क पर होंगे.

SIR पर तैयार है बीजेपी की जवाबी रणनीति, सड़क से सभा तक, होगा विपक्ष से दो-दो हाथ
विपक्ष के खिलाफ बीजेपी की बड़ी तैयारी
नई दिल्ली:

SIR की कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के अभियान का बीजेपी मुकाबला करने को तैयार है. दिल्ली में यह वीकेंड काफी राजनीतिक गहमागहमी का रहने वाला है. आज इंडिया गठबंधन ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी निवास पर  जन महाभियोग करने जा रहा है. इसके बाद रविवार को रामलीला मैदान पर दस लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

दो चरण में चलेगा बीजेपी का अभियान 

उधर, सरकार के आला सूत्र ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से साफ इनकार कर चुके हैं. उनका यहां तक कहना है कि मतदाता सूचियों को पवित्र करने के लिए ज्ञानेश कुमार को हमेशा याद रखा जाना चाहिए. बीजेपी एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ नाम से जवाबी अभियान भी चला रही है. दीपावली का पर्व देखते हुए इसे दो हिस्सों में आयोजित किया जा रहा है. पहले हिस्से में 22 अक्तूबर से पांच नवंबर तक और दूसरे हिस्से में 11 नवंबर से 30 नवंबर तक पूरे देश में यह अभियान चलेगा.

अध्यक्ष नितिन नवीन ने संभाला कमान 

गुरुवार को बीजेपी मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस अभियान की समीक्षा की. उनके साथ बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा अन्य पार्टी सदस्य मौजूद रहे. इसमें इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली का जवाब देने की रणनीति को अंतिम रूप दिया गया. बीजेपी ने विपक्ष का मुकाबला हर मोर्चे पर करने का फैसला किया है. विपक्ष एसआईआर मुद्दे पर लोगों को जुटा कर शक्ति प्रदर्शन कर रहा है तो बीजेपी इसका जवाब पदयात्रा के माध्यम से लोगों के बीच जाकर दे रही है. विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए जन महाभियोग चला रही है तो बीजेपी इसका जवाब सिटिजन फॉर डेमोक्रेसी के मंच से मॉक पार्लियामेंट के जरिए दे रही है. मुख्य धारा के मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक बीजेपी एसआईआर और ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के अभियान का सिलसिलेवार ढंग से बिंदुवार जवाब दे रही है.

पार्टी ने साझा की बुकलेट 

कल की बैठक में हिस्सा लेने वाले वरिष्ठ नेताओं को एसआईआर के विवाद से जुड़े तथ्यों की जानकारी वाली बुकलेट साझा की गई. इसमें बताया गया है कि इससे पहले एसआईआर कब-कब हुई और उसका क्या परिणाम हुआ था. एसआईआर को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के दोहरे मानदंडों को भी उजागर किया गया है. कर्नाटक का उदाहरण प्रमुखता से है जिसमें कांग्रेस सरकार के अधीन एसआईआर कराई गई और करीब एक करोड़ नाम काटे गए। इसे राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने सही ठहराया है.

अमित शाह भी उतरेंगे 

इंडिया ब्लॉक की रविवार की विशाल रैली के तुरंत बाद खुद गृह मंत्री अमित शाह सड़कों पर उतरेंगे. वे हैदराबाद और करनाल में पदयात्रा के माध्यम से एसआईआर को लेकर विपक्ष के अभियान का जवाब देंगे. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन दिल्ली के चांदनी चौक से इस अभियान की शुरुआत कर चुके हैं. जल्दी ही वे रोहतक में पदयात्रा करेंगे. पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान फरीदाबाद में पदयात्रा करेंगे. बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा आज छत्तीसगढ़ के दुर्ग में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में हिस्सा ले रहे हैं.

कल भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने इंडिया ब्लॉक पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि “अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख 'इंडी गठबंधन' और देश-विरोधी ताकतें गहरी हताशा में हैं. ये विभाजनकारी तत्व विदेशी टूलकिट के इशारे पर अराजकता, और संविधान और आरक्षण के नाम पर फेक वीडियो के जरिये भ्रम फैलाकर देश की प्रगति को रोकना चाहते हैं. उन्होंने युवा मोर्चा का आह्वान किया कि वह 'सड़क, सदन और सोशल मीडिया', हर मोर्चे पर मुस्तैदी से खड़ा होकर विपक्ष के इस विघटनकारी नैरेटिव का मुंहतोड़ जवाब दे.

वहीं युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पारित राजनीतिक प्रस्ताव में विदेशी ताकतों की ओर इशारा किया गया. इसमें आरोप लगाया गया कि महाराष्ट्र साइबर सेल के खुलासे के अनुसार पाकिस्तान से संचालित 429 एआई-जनरेटेड सोशल मीडिया अकाउंट्स और 100 से अधिक विदेशी बॉट्स के माध्यम से फर्जी वीडियो फैलाकर इंस्टाग्राम पर रातों-रात 50 लाख फॉलोअर्स का भ्रम पैदा किया गया. इसके अतिरिक्त, 'पॉलिटिकल जिउ-जित्सु'  की रणनीति के तहत जानबूझकर संसद मार्ग और मेट्रो स्टेशन जाम कर ऐसी अराजकता पैदा की गई जिससे पुलिस बल प्रयोग पर विवश हो, और फिर उसी कार्रवाई को 'राज्य का दमन' बताकर विक्टिम कार्ड खेला जा सके.

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