- भाजपा ने मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगाकर कार्यकर्ताओं से रोजाना मिलने की नई व्यवस्था शुरू की है
- दो राष्ट्रीय महासचिव और दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कार्यकर्ताओं से संवाद के लिए मुख्यालय पर मौजूद रहेंगे
- वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं की समस्याओं को राज्य इकाई या सरकार से चर्चा कर हल कराने का प्रयास करेंगे
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय पर एक नई व्यवस्था की है. देश भर से हर दिन दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर आने वाले कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए हर दिन वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगाई गई है. इसमें राष्ट्रीय महासचिव और साथ ही मोर्चे के अध्यक्ष भी हर दिन कार्यकर्ताओं से मिलेंगे. पार्टी मुख्यालय से ग्राउंड फ़्लोर पर स्थिति मल्टीपरपज हॉल में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की व्यवस्था की गई है. इसके तहत तावड़े ने मुलाकात शुरू भी कर दी है. नई व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि पार्टी मुख्यालय पर हर दिन दो राष्ट्रीय महासचिव और दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपस्थित रहें.
इसके लिए बाकायदा एक रोस्टर भी तैयार कर लिया गया है. सोमवार को केंद्रीय महासचिव विनोद तावड़े और हरीश द्विवेदी मुख्यालय पर रहेंगे. मंगलवार को सुनील बंसल और गजेंद्र पटेल को तैनात किया जाएगा। बुधवार को विप्लव कुमार देव और संजय भाटिया रहेंगे, जबकि गुरुवार को स्मृति ईरानी और तरुण चुघ पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. शुक्रवार को केंद्रीय महासचिव सतीश पूनिया कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए मुख्यालय पर रहेंगे. शनिवार-रविवार को मोर्चे के अध्यक्ष इन कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे.
सभी नेताओं से कहा गया है कि वे रोस्टर के अनुसार सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक पार्टी कार्यालय पर रहें ताकि किसी भी कार्यकर्ता को यह शिकायत न हो कि मिलने के लिए कोई नहीं था. हर दिन भाजपा मुख्यालय पर देश भर से हज़ारों कार्यकर्ता आते हैं. कुछ अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आते हैं तो वहीं कुछ संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा करना चाहते हैं. इस कवायद के पीछे कोशिश ये है कि देश भर से हर दिन पार्टी मुख्यालय पर आने वाले हजारों कार्यकर्ताओं को खाली हाथ वापस ना जाना पड़े. उनसे बातचीत करने, उनके विषयों को सुनने के लिए कोई ना कोई वरिष्ठ कार्यकर्ता या वरिष्ठ नेता मुख्यालय पर मौजूद रहे.
कार्यकर्ताओं से जुड़े विषयों और समस्याओं के हल के लिए भी मैकेनिज्म बनाया गया है. इसके तहत वरिष्ठ नेता राज्य इकाई या फिर सरकार से चर्चा कर उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करेंगे. भाजपा की कमान संभालने के बाद से नितिन नवीन ने देश भर के व्यापक दौरे किए हैं. इस दौरान मिले फीडबैक के आधार पर यह कदम उठाया गया है. इस व्यवस्था के माध्यम से कार्यकर्ताओं और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी पाटी जाएगी. इससे पहले पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत की व्यवस्था भी चल रही है. ‘सहयोग प्रकोष्ठ' बना कर मंत्रियों और कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों के बीच संपर्क स्थापित किया गया. इसे अमित शाह के अध्यक्ष रहते हुए शुरू किया गया था. इसके तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री को मुख्यालय पर उपस्थित होना होता है, ताकि ऑफिस में आने वाले नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनता से मिलकर वो उनकी समस्याओं को सुलझा सकें.
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