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This Article is From Jan 26, 2026

UGC के नए नियमों पर मचे बवाल के बीच BJP सांसद निशिकांत दुबे ने क्यों दिलाई EWS आरक्षण की याद?

UGC के नए नियमों के मुताबिक, अब हर कॉलेज में एक इक्विटी सेल बनाना जरूरी होगा. ये सेल एक तरह की अदालत जैसा काम करेगी. अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके साथ भेदभाव हुआ है, तो वह यहां जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. संस्थान को उस पर तुरंत एक्शन लेना होगा. इस नियम में ओबीसी को शामिल किए जाने पर बवाल मचा है.

UGC के नए नियमों पर मचे बवाल के बीच BJP सांसद निशिकांत दुबे ने क्यों दिलाई EWS आरक्षण की याद?
यूजीसी के नए नियम पर मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया सामने आई है.
  • UGC ने 15 जनवरी 2026 से देशभर में नए नियम लागू किए हैं, जो भेदभाव खत्म करने पर केंद्रित हैं.
  • नए UGC नियमों में OBC वर्ग को भी जातिगत भेदभाव की श्रेणी में शामिल किए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है.
  • BJP सांसद निशिकांत दुबे ने EWS आरक्षण का जिक्र करते हुए UGC की भ्रांतियों को जल्द दूर होने की बात कही है.

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC)  के नए नियमों पर भारी बवाल मचा है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया सामने आई है. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखे एक पोस्ट में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिले EWS आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि यूजीसी नोटिफिकेशन की सभी भ्रांतियों को दूर कर लिया जाएगा. उन्होंने लोगों से इंतजार करने की अपील की. निशिकांत दुबे झारखंड के गोड्डा से भाजपा के सांसद हैं. सामान्य वर्ग से आने वाले निशिकांत दुबे की गिनती भाजपा के तेज-तर्रार सांसदों में की जाती है. 

यूजीसी के नए नियमों पर मचे बवाल पर क्या बोले निशिकांत दुबे

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- मोदी है तो मुमकिन है, विश्वास रखिए UGC नोटिफिकेशन की सभी भ्रान्तियों को दूर किया जाएगा. संविधान के आर्टिकल 14 एवं 15 के अनुसार अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग में कोई फर्क नहीं है. 10 प्रतिशत आरक्षण सामान्य वर्ग को केवल और केवल प्रधानमंत्री मोदी के कारण मिला. 1990 मंडल कमीशन लागू होने के बाद इस देश की सभी राजनीतिक पार्टियों ने सरकार बनाई, लेकिन न्याय केवल मोदी ने दिया. इंतज़ार कीजिए UGC की भ्रांतियां भी ख़त्म होगी.

निशिकांत दुबे का सोशल मीडिया पोस्ट.

निशिकांत दुबे का सोशल मीडिया पोस्ट.

2019 के आम चुनाव से पहले आया था EWS आरक्षण

मालूम हो कि मोदी सरकार ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का नियम लागू किया था. इसे सामान्य वर्ग को एक बड़ी राहत मिली थी. मौजूदा यूजीसी नियम भी सामान्य वर्ग के खिलाफ बताया जा रहा है. इस नियम के खिलाफ सामान्य वर्ग के छात्र और छात्र नेता आवाज बुलंद कर रहे हैं. इस बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने EWS आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि यूजीसी नियम को लेकर चल रही भ्रांतियां भी दूर कीजिए. 

यूजीपी ने 15 जनवरी से देश भर में लागू किए नए नियम

उल्लेखनीय हो कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने 15 जनवरी 2026 से पूरे देश में नए नियम लागू किए हैं. इनका सीधा सा मकसद है कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में भेदभाव (Discrimination) को खत्म करना. UGC चाहता है कि किसी भी छात्र के साथ उसकी जाति, जेंडर या बैकग्राउंड की वजह से बुरा बर्ताव न हो. ये नए नियम 2012 के पुराने नियमों की जगह लेंगे. UGC का कहना है कि पुराने कायदे अब आउटडेटेड हो गए थे, इसलिए उन्हें और ज्यादा सख्त और साफ बनाया गया है ताकि हर छात्र को बराबर का सम्मान मिल सके.

यूजीसी ने नए नियम पर क्यों मचा है बवाल?

नए नियम में हंगामा इस बात पर मचा है कि नए नियमों में OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) को भी 'जातिगत भेदभाव' की कैटेगरी में शामिल किया गया है. जनरल कैटेगरी के कई लोगों और छात्रों का मानना है कि OBC को पहले से ही आरक्षण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं, ऐसे में उन्हें भी इस कैटेगरी में रखना बाकी छात्रों के साथ अन्याय हो सकता है.

यह भी पढ़ें - UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल? आसान भाषा में समझें क्या है ये पूरा विवाद

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