- पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने संगठन मजबूत करने के लिए 71 हजार बूथों पर कार्यकर्ता तैयार कर लिए हैं.
- आगामी चुनाव में बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी के नाम और काम पर चुनाव अभियान चलाने की योजना बना रही है.
- पार्टी ने राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए अपने पुराने कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों से मिलने का निर्णय लिया है.
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बेदख़ल करने के लिए बीजेपी ने राज्य में युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है, इसके लिए ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत किया जा रहा है. बीजेपी पीएम मोदी के नाम और काम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. बीजेपी सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी इस महीने की 18 और 19 तारीख़ को पश्चिम बंगाल में दो रैलियां कर सकते हैं. संभावना है कि ये रैलियां मालदा और हावड़ा में हों, हालांकि जगह अभी तय नहीं है.
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संगठन की मजबूती पर ध्यान दे रही बीजेपी
राज्य में अभी 82 हज़ार बूथ हैं. इनमें से 71 हज़ार बूथों पर बीजेपी ने अपना संगठन खड़ा कर लिया है. माना जा रहा है कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बाद बूथों की संख्या बढ़ कर 93 हज़ार हो सकती है. बीजेपी इसी के अनुसार संगठन की मजबूती पर ध्यान दे रही है. बीजेपी नेताओं के मुताबिक, ऐसे बूथ जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या बहुत अधिक है, बीजेपी ज़्यादा ताकत नहीं लगाएगी.
हिंसा के शिकार कार्यकर्ताओं के घर जाएंगे
बीजेपी ने अपने पुराने कार्यकर्ताओं पर भी फ़ोकस करने का फ़ैसला किया है. हाल में गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि पिछले दस साल में बीजेपी के तीन सौ से भी अधिक कार्यकर्ता राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए. पार्टी ऐसे कार्यकर्ताओं के घरों तक जाएगी. पार्टी के बड़े नेता उनके परिजनों से मिलेंगे.
टॉलीवुड को नहीं मलेगा टिकट
पार्टी सूत्रों के अनुसार बीजेपी ने इस बार पश्चिम बंगाल के टीवी और फ़िल्म सितारों को अधिक तरजीह न देने का फ़ैसला किया है. पार्टी हर विधानसभा और लोक सभा चुनावों में बड़े पैमाने पर इन सितारों को टिकट देती आई है. लेकिन बीजेपी का आकलन है कि इससे ज़्यादा मदद नहीं मिलती. इसी तरह तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और लेफ्ट के दागी नेताओं को साथ लेने से भी परहेज किया जाएगा, ताकि सत्ता विरोधी माहौल न बिगड़े. बीजेपी ने अपने चुनाव अभियान को नकारात्मकता से दूर रखने का फ़ैसला किया है. पार्टी सोनार बंगला के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाना और सुनहरे दौर की वापसी दिलाना शामिल है.
प्रवासियों को बीजेपी के हक में करने पर फोकस
बीजेपी पूर्वांचली, बिहारी, मारवाड़ी और देश के अन्य हिस्सों से आए लोगों से संपर्क साधेगी. पश्चिम बंगाल में ऐसे लोगों की बड़ी संख्या है जो दूसरे राज्यों से यहां काम करने आए हैं. उन्हें बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए तैयार किया जाएगा. उनके मूल राज्यों में उनके परिजनों से संपर्क साधा जाएगा, ताकि वे उन्हें बीजेपी के पक्ष में वोट देने के लिए तैयार कर सकें. बीजेपी राज्य के फ़ुटबॉल क्लबों में भी अपनी पैठ बढ़ाएगी, ताकि युवाओं को आकर्षित किया जा सके. हाल ही में मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान हुई अव्यवस्था को भी मुद्दा बनाया गया है.
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