- EPFO ने निष्क्रिय खातों की रकम बिना कागज़ी कार्रवाई सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है
- छह लाख निष्क्रिय खातों में एक हजार रुपए से कम राशि जमा है, जिनका तुरंत भुगतान किया जाएगा
- कुल 31 लाख निष्क्रिय खातों में लगभग दस हजार करोड़ रुपए जमा हैं, जिनमें से छह सौ करोड़ छह लाख खातों में हैं
कर्मचारी भविष्य निधि यानी कि EPFO को लेकर श्रम मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले से ऐसे लाखों खाता धारकों की परेशानी दूर हो जाएगी सूत्रों के मुताबिक, ऐसे निष्क्रिय खाते, जिनमें एक हजार या उससे कम रुपए जमा हैं, उन्हें बिना किसी कागज़ी कार्रवाई के वापस किया जा सकेगा. इस पैसे को निकालने के लिए खाताधारकों को अपनी ओर से कोई आवेदन नहीं करना होगा. EPFO अपने आप ही उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर कर देगा.
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बिना कागज़ी कार्रवाई के खातों में पहुंचेगी रकम
बता दें कि कुल 31 लाख निष्क्रिय खातों में से ऐसे छह लाख खाते हैं, जो आधार से लिंक हैं और जिनमें एक हज़ार रुपए से कम जमा हैं. इन खातों में EPFO तुरंत पैसा डाल देगा. बाकी खातों में भी धीरे-धीरे पैसा ट्रांसफर किया जाएगा. बता दें कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है. इसके सफल होने पर बाकी 25 लाख निष्क्रिय खातों में भी इसी तरह पैसा ट्रांसफर करने का काम किया जाएगा.
31 लाख निष्क्रिय अकाउंट में क़रीब 10,000 करोड़ रुपए
अगर किसी EPFO अकाउंट में तीन साल तक अगर कोई एक्टिविटी नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय अकाउंट माना जाता है. सभी 31 लाख निष्क्रिय अकाउंट में क़रीब दस हज़ार करोड़ रुपए जमा हैं, जब कि इन छह लाख अकाउंट में क़रीब छह सौ करोड़ रुपए जमा हैं. श्रम मंत्रालय के इस बड़े फैसले का फायदा EPFO से जुड़े करीब 31 लाख लोगों को मिलेगा. उनकी ये रकम उनको अब बिना किसी कागजी कारर्वाई और बिना दफ्तर के चक्कर लगाए आसानी से मिल सकेगी.
3 सालों से एक्टिविटी नहीं तो अकाउंट निष्क्रिय
कुल चालू 31.86 लाख अकाउंट्स में 10,903 करोड़ रुपये जमा है. जबकि लगभग 7.11 लाख अकाउंट्स में कुल योग 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं, इनमें 1000 रुपये तक की रकम जमा है. इन खातों की अवधि पिछले 3 सालों से लेकर 20 सालों तक है. मतलब पिछले तीन सालों से अगर किसी ने इन खातों में कोई एक्टिविटी नहीं की है तो इनको निष्क्रिय अकाउंट माना जाएगा.
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