बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामला का गरमा गया है. बुधवार को भोजपुर जिले के बिलौटी में दूर-दूर से भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के खिलाफ होने वाली महापंचायत में लोग पहुंचे हैं. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी महापंचायत में शामिल हुए. इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि हत्या किसने और किसके आदेश पर की, इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए. पीड़ित परिवार की सीधी और साफ मांग है कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए. न उन्हें पैसा चाहिए. न ही मुआवजा और न ही नौकरी चाहिए. जन सुराज संस्थापक ने आगे कहा कि न्याय तभी होगा, जब हत्या करने वाले और उसकी साजिश करने वाले दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
भरत तिवारी के भाई का ऐलान
इस बीच भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है. चंदन तिवारी ने बताया कि भैया की 12वीं के बाद दिल्ली तक जाऊंगा. भरत भूषण तिवारी के भाई ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मैं दिल्ली जाऊंगा और वहां पर आप लोग आएं. वहां पर मेरा साथ दें. बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद उसके पिता और भाई पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.
#WATCH | Bhojpur, Bihar | On the alleged police encounter of 28-year-old Bharat Bhushan Tiwari in Bhojpur district, Chandan Tiwari, brother of the deceased, says, “I want to say that after completing the last rites of my brother, I will go to Delhi. I request you to come and… pic.twitter.com/62gBbDUiCv
— ANI (@ANI) June 24, 2026
भाई चंदन और पिता काशीनाथ पर एफआईआर
पुलिस ने भरत तिवारी के भाई और पिता पर एफआईआर दर्ज करने का कारण बताया कि उसके भाई चंदन और पिता काशीनाथ के कहने पर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भरत तिवारी के शव को बक्सर फोर लेन हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन किया था. साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि भरत तिवारी के पास जो हथियार था, उसकी जानकारी पिता काशीनाथ और उसके भाई चंदन को थी. पर इन लोगों ने पुलिस को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
14 अन्य लोगों पर नामजद दूसरी एफआईआर
पुलिस ने हाईवे जाम करने और नारेबाजी करने को लेकर भरत तिवारी के पिता और भाई के अलावा 14 अन्य लोगों पर नामजद समेत 50 से अधिक अज्ञात लोगों पर दूसरी FIR दर्ज की थी. वहीं, तमाम हंगामे और सवाल के बाद भरत तिवारी एनकाउंटर में मां के आवेदन पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई.
एफआईआर में तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया. मामले में मंगलवार (23 जून) को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई भी हुई. हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके भरत तिवारी एनकाउंटर केस की सीबीआई जांच या रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
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