- इंदौर से हैदराबाद के बीच बन रहा एक्सप्रेसवे दिसंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है.
- यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच सुपरफास्ट कनेक्टिविटी कर देगा.
- इससे इंदौर, खंडवा, नांदेड़, वाशिम, संगारेड्डी और हैदराबाद जैसे बड़े शहर कनेक्ट होंगे.
इंदौर से हैदराबाद के बीच बन रहा 713 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे तीन राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ाने वाला है. इस हाईवे के बनने के बाद इंदौर, खंडवा से होते हुए जलगांव, नांदेड़, वाशिम, हिंगोली से होते हुए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद तक जाएगा. यह प्रोजेक्ट तीनों राज्यों के लिहाज से अहम है, क्योंकि इससे उत्तर-दक्षिण और मध्य भारत के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत हो जाएगी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से यह एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है. दिसंबर 2026 तक यह प्रोजेक्ट पूरा होने की संभावना है. महाराष्ट्र और तेलंगाना के हिस्से में बड़ा काम पूरा हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश के हिस्से में भी इसका काम तेजी से किया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच का सफर भी बेहद आसान हो जाएगा.
इंदौर से हैदराबाद का सफर 10 घंटे में
इंदौर से हैदराबाद का सफर 10 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. क्योंकि फिलहाल पुराने रास्ते से जाने पर अभी दोनों शहरों की दूरी को पूरा करने में 850 किलोमीटर तक हो जाती थी. लेकिन इस हाईवे के बनने के बाद यह दूरी 150 से 171 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी, जबकि यह पूरा सफर महज 713 किलोमीटर का रह जाएगा. दोनों शहरों के बीच की यात्रा 10 घंटे में पूरी की जा सकेगी. इस 4 लेन हाईवे के बनने के बाद इंदौर और हैदराबाद के बीच आने-जाने का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
एमपी-महाराष्ट्र-तेलंगाना तक कनेक्टिविटी
- मध्य प्रदेश: इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर ये तीन बड़े शहरों से होकर यह हाईवे गुजरने वाला है.
- महाराष्ट्र: यहां से इसकी एंट्री महाराष्ट्र के अकोला में होगी, जहां से वाशिम, हिंगोली, नांदेड़ से होते हुए यह आगे निकल जाएगा.
- तेलंगाना: कामारेड्डी, मेडक, संगारेड्डी से होते हुए यह हैदराबाद तक पहुंच जाएगा. जिससे तीनों राज्यों की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी.

NHAI कर रहा काम
इंदौर हैदराबाद एक्सप्रेसवे पर यह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तरफ से काम किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट भारतमाला परियोजना के तहत तैयार हो रहा है. इसका 80 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है. हैदराबाद से महाराष्ट्र बॉर्डर जो राष्ट्रीय राजमार्ग-61 तक इसका 96 किलोमीटर का हिस्सा काफी पहले तैयार होकर यातायात के लिए खोला जा चुका है. वहीं इंदौर से इच्छापुर के बीच भी तेजी से काम किया जा रहा है. माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश का यह महत्वपूर्ण हिस्सा दिसंबर 2026 तक पूरी तरह बनकर तैयार होगा. जिससे मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र और तेलंगाना की कनेक्टिविटी मजबूत रहेगी.
हाईवे के चार हिस्से
- पहला-इंदौर से खंडवा के इच्छापुर के बीच
- दूसरा-एमपी के खंडवा से महाराष्ट्र के अकोला के बीच
- तीसरा-अकोला से नांदेड़ के बीच
- चौथा-तेलंगाना के संगारेड्डी से हैदारबाद के बीच रहेगा.
इंदौर के पास बन रही 3 टनल
इंदौर के पास इस एक्सप्रेसवे को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 3 टनल भी बनाई जा रही है. जहां इंदौर के तेजाजी नगर से खरगोन जिले के से बलवाड़ा के बीच का 33.40 किलोमीटर लंबा पहाड़ी इलाका है. जहां हाईवे का काम सबसे ज्यादा मुश्किल है, ऐसे में यहां से यात्रा को सुगम बनाए रखने के लिए भेरूघाट और चोरलघाट के रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ब्लास्टिंग तकनीक से पहाड़ों को चीरकर 3 आधुनिक टनल का निर्माण भी किया जा रहा है. इन सुरंगों के बनने से घाट सेक्शन का जानलेवा सफर खत्म होगा और यात्री मात्र 30 से 35 मिनट में सुरक्षित इस हिस्से को पार कर सकेंगे.
कितनी है टनल की लंबाई
- भेरूघाट टनल कुल 575 मीटर की होगी.
- चोरल घाट टनल 550 मीटर की रहेगी.
- बायग्राम टनल 480 मीटर की होगी.
मध्य प्रदेश के लिए अहम प्रोजेक्ट
मध्य प्रदेश के लिए यह हाईवे अहम माना जा रहा है. क्योंकि इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे से लॉजिस्टिक्स की तस्वीर बदल जाएगी. यह इकोनॉमिक कॉरिडोर समय और ईंधन दोनों की बचत कराएगा. दिसंबर 2026 में पूरा होने के बाद यह प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है.
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