विज्ञापन
This Article is From Dec 01, 2017

बराक ओबामा बोले- पीएम मोदी से कहा था, भारत को धार्मिक आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए

बराम ओबामा ने कहा कि पीएम मोदी से कहा था कि भारत को किसी भी स्थिति में सांप्रदायिक आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए.

बराक ओबामा बोले- पीएम मोदी से कहा था, भारत को धार्मिक आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए
बराक ओबामा और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
  • दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा.
  • मोदी से कहा था, भारत को धार्मिक आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए : ओबामा
  • भारतीय समाज पर बेबीकी से ओबामा ने रखी अपनी बात.
नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा अभी एक कार्यक्रम के सिलसिले में भारत दौरे पर हैं. शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति बराम ओबामा ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी से कहा था कि भारत को किसी भी स्थिति में सांप्रदायिक आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए. बराक ओबामा ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय समजा को इस बात को सहेज कर रखने की जरूरत है. क्योंकि यहां के मुसलमान अपनी पहचान भारतीय के तौर पर बनाए हुए हैं. 

ओबामा ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप शिखर सम्मेलन में कहा कि 'एक देश को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित नहीं किया जाना चाहिए और ऐसा मैने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत तौर पर व अमेरिका के लोगों से कहा."

यह भी पढ़ें - ओबामा के शासनकाल में यूरेनियम उत्पाद क्षमता का कुछ हिस्सा रूस की कंपनी को बेचने वाले सौदे की जांच शुरू

आगे उन्होंने कहा कि 'लोग अपने बीच के अंतर को बहुत स्पष्ट तौर पर देखते हैं लेकिन अपने बीच की समानता को फरामोश कर बैठते हैं. समानता हमेशा लिंग पर आधारित होती है और हमें इस पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है.' यह पूछे जाने पर कि मोदी ने धार्मिक सहिष्णुता के उनके निजी संदेश पर कैसे जवाब दिया था, ओबामा ने सीधे तौर पर उत्तर को टालते हुए कहा कि उनका लक्ष्य अपनी निजी बातचीत का खुलासा करना नहीं है.

यह भी पढ़ें - अमेरिका में पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा पर रखा जाएगा स्‍कूल का नाम

लेकिन, उन्होंने कहा कि भारत के बहुसंख्यक समुदाय व सरकार को इस तथ्य को ध्यान में रखने की जरूरत है कि अल्पसंख्यक, खास तौर से मुस्लिम भारत में अपनी पहचान को भारतीय समाज के भाग के तौर पर मानते हैं. पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'भारत जैसे देश में जहां मुस्लिमों की एक ऐसी आबादी है जो सफल, एकीकृत है और अपने को भारतीय के रूप में मानती है, ऐसा बहुत से देशों में नहीं है, इसे पोषित किया जाना चाहिए.'

यह भी पढ़ें - बराक ओबामा ने कहा, 'अच्‍छी दाल बना लेता हूं, लेकिन रोटी बनाना बहुत मुश्किल काम'

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे प्रमुख पद राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री का पद नहीं है, बल्कि नागरिकों का पद है, जिसे खुद से सवाल करने की जरूरत हैं कि वे किसी खास राजनेता का समर्थन करके किस तरह की विचारधारा को प्रोत्साहित कर रहे हैं.

ओबामा ने कहा, "अगर आप किसी नेता को कुछ ऐसा करते देखें जो सही नहीं हो, तो आप खुद से पूछें 'क्या मैं इसका समर्थन करता हूं?' नेता उन दर्पणों की तरह होते हैं जिनसे सामुदायिक सोच प्रतिबिंबित होती है. अगर पूरे भारत में तमाम समुदाय यह तय कर लें कि वे विभाजन की सोच का शिकार नहीं बनेंगे तो इससे उन नेताओं के हाथ मजबूत होंगे जो ऐसा सोचते हैं.'

VIDEO: राष्ट्रपति बराक ओबामा का विदाई भाषण (इनपुट आईएएनएस से)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Former US President Barack Obama, Barack Obama, PM Modi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com