समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रामपुर की जेल से रिहा होते ही ED ने गिरफ्तार कर लिया. आजम खान की रिहाई से पहले ही ED की टीम रामपुर जेल के बाहर उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई थी. आजम जैसे ही जेल से बाहर आए, वैसे ही ED उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गई.
ED जब आजम खान को गाड़ी में बैठा रही थी, तभी उन्होंने कहा, 'कहने को क्या है? क्या कहने को है? कहने को रहा क्या है? मुसलमान होने की सजा है.'
उन्होंने आगे कहा कि 'गलती ये है कि एक यूनिवर्सिटी बनाई. यूनिवर्सिटी बनाई एक मुसलमान ने. ये है गुनाह. बच्चों के स्कूल बनाए एक मुसलमान ने. ये है गुनाह हमारा.'
Rampur, Uttar Pradesh: After being released from Rampur jail, Samajwadi Party leader Azam Khan says, "What is there left to say? What can I say? The law has ceased to exist. This is the punishment for being a Muslim? Our mistake was that a university was built by a Muslim. That is our crime. We built schools for children. Is that our crime?"
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
ED ने क्यों किया गिरफ्तार?
ED ने आजम खान को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है. इस मामले में ED ने 13 अक्टूबर को ही केस दर्ज किया था.
आरोप है कि आजम खान ने किसानों की जमीन को जबरन लेकर जौहर यूनिवर्सिटी के लिए इस्तेमाल किया गया.
इसके अलावा, आजम खान पर 2016 में कई मकानों को गिराने और सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़े सामान और उपकरणों को यूनिवर्सिटी परिसर में इस्तेमाल करने का आरोप शामिल है.
ED का आरोप है कि अवैध गतिविधियों से मिले पैसे का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी संपत्तियों की खरीद और निर्माण में किया गया.
ED के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी की अनुमानित लागत 499.09 करोड़ रुपये आंकी गई है. जबकि ट्रस्ट के आईटी रिटर्न में 2013-14 से 2024-25 के बीच 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च ही दिखाया गया.
शुक्रवार को ही मिली थी जमानत
फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को जमानत दे दी थी.
आजम खान और अब्दुल्ला को पिछले साल नवंबर में इस मामले में दोषी ठहराया गया था. इसके बाद से ही दोनों रामपुर की जेल में बंद थे.
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