अयोध्या के राम मंदिर को मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला बढ़ता जा रहा है. इसकी जांच कर रही SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट बना ली है. ये रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ के पास भी पहुंच गई है. ये रिपोर्ट 150 पन्नों की है.
सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान SIT को कई अहम सबूत मिले हैं. चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लगने के बाद योगी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई थी. जांच के दौरान 6 दिन तक SIT ने मंदिर परिसर और आरोपियों के घर की जांच की है. बताया जा रहा है कि इस दौरान SIT ने 150 लोगों से पूछताछ की है. 2 करोड़ से ज्यादा रुपये बरामद होने की भी खबर है.
SIT ने रविवार को मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने को कहा है. सूत्रों का कहना है कि शुरुआती में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और दूसरे कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है.
जांच में सबसे बड़ी कथित गड़बड़ी कुंभ के मेले के दौरान सामने आई, जब करीब दो महीने तक रोजाना लगभग 10 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे और दान पेटियां दो घंटे में ही नोटों से भर जाती थीं. इतना ही नहीं, कथित तौर पर मंदिर ट्रस्ट ने बाजार भाव से ज्यादा कीमत पर जमीन खरीदी थी. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने बाजार भाव से लगभग 500 से 800 प्रतिशत अधिक कीमत पर करीब 71 एकड़ जमीन खरीदी है.
SIT जांच के दायरे में 4 बड़े चेहरे
1. चंपत राय: पहला नाम है चंपत राय का, जो राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव हैं. चंपत राय राम जन्मभूमि आंदोलन के अहम चेहरों में से एक हैं. वह मंदिर की ऑडिट समिति के अध्यक्ष भी हैं. मंदिर में बैठक और सभी तरह के आयोजन वही देखते हैं. उन पर करोड़ों के हेर-फेर और गड़बड़ी के आरोप लग रहे हैं. विपक्षी पार्टियां और कई संतों ने उन्हें हटाने की मांग की है. SIT ने जांच के दौरान उनसे भी पूछताछ की है. चंपत राय ने कहा कि मंदिर का इंटरनल ऑडिट चल रहा था और इस ऑडिट में कोई संदिग्ध बात नहीं मिली.

चंपत राय.
2. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: अगला नाम है रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का, जो पहले चंपत राय के ड्राइवर थे, फिर करीबी सहयोगी हो गए. अयोध्या-लखनऊ में करीब 50 करोड़ की संपत्ति का दावा है. आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी में शामिल हैं. मंदिर में VIP एंट्री से गिनती तक में उनका दखल था. दावा है कि SIT ने उनके घर से सोना बरामद किया है. SIT ने 6 दिन में टिन्नू यादव से कई बार पूछताछ की है. टिन्नू का कहना है कि उनका चोरी या हेर-फेर से कोई लेना-देना नहीं है. मैंने तो टेंपो चलाकर और बचत करके कुछ पैसे बनाए हैं.
3. डॉ. अनिल कुमार मिश्रा: एक और बड़ा नाम डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य हैं. मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में मुख्य यजमान बनाया गया था. मंदिर में सभी तरह के प्रशासकीय काम यही देखते हैं. टिन्नू यादव ने दावा किया है कि कैश का सारा काम मिश्रा देखते हैं. एक पूर्व इंजीनियर ने 40% कमीशन लेने का आरोप लगाया है. SIT ने डॉ. अनिल मिश्रा से कई राउंड की पूछताछ की है.
4. गोपाल राव: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. कर्नाटक के रहने वाले गोपाल राव मंदिर में निर्माण सहायक हैं. राम मंदिर से जुड़ा पूरा प्रबंधन उनके जिम्मे रहता है. दर्शन और आरती पास की व्यवस्था भी इन्हीं के पास है. गोपाल राव चंदे के पैसों की गिनती के प्रभारी भी थे. चढ़ावे के पैसे और सोना-चांदी में हेरफेर के आरोप लगे हैं. SIT ने गोपाल राव से भी कई बार पूछताछ की है. गोपाल राव का कहना है कि वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं.
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क्या-क्या चोरी होने के आरोप हैं?
- 200 किलो चांदी की ईंट: राम मंदिर से चांदी की 200 ईंट गायब होने के आरोप हैं. विश्व सिंधी सेवा संगम ने ये गंभीर आरोप लगाए हैं और दान की हई 200 किलो चांदी पर जवाब भी मांगा है. 2021 में 200 किलो चांदी की ईंट दान की गई थी. मौजूदा वक्त में इसकी कीमत 5 करोड़ से ज्यादा है. दावा है कि सिंधी सेवा संगम को दान की कोई रसीद नहीं मिली थी.
- 60 किलो चांदी की शिलाएं: रामलला को दान में 60 किलो चांदी की शिलाएं भी मिली थीं. लेकिन खबर है कि SIT को जांच में चांदी की शिलाएं नहीं मिली. उत्तर भारत ज्वेलर्स संगठन के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी के पास रसीद है. देशभर के ज्वेलर्स से 10-20 ग्राम कर 60 किलो चांदी जमा की थी. लेकिन करीब 1.5 करोड़ की चांदी गायब होने से हड़कंप मचा है.
- हार और चरण पादुका: रामलला को दान में मिला हीरे से जड़ा एक हार गायब है. जौनपुर के एक श्रद्धालु ने इसे करोड़ों में मुंबई में बनवाया था. और फिर टिन्नू यादव के जरिए रामलला को उपहार दिया गया था. श्रद्धालु की दी गई सोने की एक चरण पादुका भी गायब है. दावा है कि पादुका 1 किलो सोने और 7 किलो चांदी से बनी थी. SIT ने राम मंदिर के पुजारी से हार और चरण पादुका पर सवाल किया तो उन्होंने कहा- दोनों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को लौटा दी थी. SIT ने दोनों कीमती चीजों पर टिन्नू यादव से भी सवाल किया तो उन्होंने सोने के गहनों को गलाकर ईंट बनाने की बात कही और कहा कि गहने रखने का काम केडी तिवारी देखते हैं, उन्हें बताया था. लेकिन केडी तिवारी के पास न सोने की ईंट मिली, न कोई रसीद. चढ़ावे में मिले सोने-चांदी के कई गहने चोरी होने का भी दावा है. चर्चा है कि 1 सोने की गदा और कई कीमती राम शिलाएं गायब हैं.
- दान पात्र से कैश: सबसे ज्यादा चोरी और हेरफेर यहीं से होने के आरोप हैं. सपा ने दानपात्र से 7.5 करोड़ रुपये की चोरी के आरोप लगाए हैं. आम आदमी पार्टी ने तो 200 करोड़ रुपये से ज्यादा चोरी का दावा किया है. मंदिर से जुड़े कर्मचारियों के पास से काफी कैश मिला है. कर्मचारियों के घर और उनकी निशानदेही पर 2 करोड़ बरामद किए गए हैं.
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बदलेगा मंदिर में दान और ट्रस्ट का इंतजाम!
मांग हो रही है कि राम मंदिर में दान की गिनती तिरुपति की तरह हो. राम मंदिर में हर रोज करीब 8 से 10 लाख रुपये का दान आता है. मंदिर में प्रबंधन और चढ़ावे का जिम्मा राम जन्मभूमि ट्रस्ट संभालता है.
मंदिर में 6 बड़े दानपात्र और परिसर में 12 से ज्यादा छोटे दानपात्र हैं. मंदिर में कैश गिनने का काम एक निजी एजेंसी को दिया गया है. आरोप है कि काउंटिंग में शामिल कर्मचारियों की भर्ती नियम से नहीं हुई. ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश या पैरवी पर कैश गिनने वाले रखे गए.
SBI बैंक कर्मचारियों की मौजूदगी में चढ़ावे के पैसे की गिनती होती थी. आरोप है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोग बैंक कर्मचारियों पर दबाव बनाते थे. इसलिए सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम पूरी सख्ती से लागू नहीं हो पाए. सारे दान पात्र या दानपेटियां पहले एक दान कक्ष में रखी जाती थीं. दानकक्ष से पैसे गिनने के लिए उन्हें काउंटिंग रूम मे ले जाया जाता था. दान पेटियों को रखने, खोलने का पूरा काम CCTV की निगरानी में होता था, लेकिन शुरुआती जांच में कई अहम CCTV फुटेज गायब मिली हैं.

वहीं, दुनिया में सबसे ज्यादा चढ़ावा पाने वाले मंदिरों में से एक तिरुपति बालाजी है. तिरुपति बालाजी में रोज 2.5 से 6 करोड़ रुपये तक का चढ़ावा आता है. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्स (TTD) प्रबंधन और दान देखती है. ये संस्था सीधे तौर पर आंध्र प्रदेश सरकार के प्रति जवाबदेह होती है. इसके प्रशासनिक प्रमुख IAS रैंक के अधिकारी या कमिशनर होते हैं.
यहां चढ़ावे की गिनती बेहद सुरक्षित भवन में की जाती है. पूरे परिसर में हाईटेक CCTV कैमरे और AI निगरानी प्रणाली लगी है. दान गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होते हैं. आम तौर पर वो धोती पहनते हैं ताकि कोई नोट छिपा ना सकें. चढ़ावे की गिनती से पहले और बाद में 3-4 बार कड़ी तलाशी ली जाती है. पैसे गिनने वालों को मोबाइल या पर्स ले जाने की इजाजत भी नहीं होती.
दान गिनने की प्रक्रिया इतनी पारदर्शी होती है कि भक्त भी कांच की दीवारों के जरिए नोट गिनने की प्रक्रिया देख सकते हैं. गिनती की निगरानी बैंक अधिकारी और IPS रैंक के अधिकारी भी करते हैं. रोज चढ़ावे की गिनती कर उसके नियम से बैंक खातों में जमा किया जाता है. और अगले दिन मंदिर खुलने पर दान और खर्च की डिटेल रखी जाती है.
अब आगे क्या होगा?
SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट बन गई है. अब इस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. खबर है कि टिन्नू यादव समेत कई आरोपियों पर FIR दर्ज हो सकती है. मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े 25 लोगों पर कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा, ट्रस्ट में अधिकारियों के स्तर में बड़े बदलाव हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि राम मंदिर की दान और जांच प्रक्रिया में फेरबदल भी हो सकता है.
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