- असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली है
- रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ हिमंता के साथ ली है
- रामेश्वर तेली ने दुलियाजन विधानसभा सीट से चुनाव जीता और कांग्रेस के ध्रुबा गोगोई को हराया है
हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली.पश्चिम बंगाल की तरह यहां भी बीजेपी के मुख्यमंत्रियों और कई कद्दावर नेताओं का महाजुटान देखने को मिला. हिमंता बिस्वा सरमा के साथ चार और मंत्रियों ने शपथ ली है.सीएम सरमा के साथ रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली.ऐसे में आइए जानते हैं कि हिमंता कैबिनेट में शामिल रामेश्वर तेली कौन हैं?
कहां से जीते थे इस बार का चुनाव,सांसद भी रह चुके
भाजपा के वरिष्ठ नेता रामेश्वर तेली ने दुलियाजन विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है.वे कांग्रेस के ध्रुबा गोगोई को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं.उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ को साबित किया. इससे पहले वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में रामेश्वर तेली ने डिब्रूगढ़ सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे.वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल के लिए यह सीट छोड़ दी थी.अब उनको हिमंता कैबिनेट में जगह मिली है.
कहां से की थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत?
रामेश्वर तेली असम में भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं.14 अगस्त 1970 को जन्मे रामेश्वर तेली ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल असम टी ट्राइब स्टूडेंट एसोसिएशन के साथ शुरू की थी. वर्ष 2001 में वे दुलियाजन सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और 2011 तक इसी सीट से विधायक भी रहे.
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जब उन्होंने जीत दर्ज की तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्र में उनको मंत्री बनाया गया.उनको खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और मजदूर एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई.इसके अलावा उनको पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय में भी राज्य मंत्री बनाया गया.
बता दें कि दुलियाजन विधानसभा सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है.यहां वर्ष 2001 में भाजपा के टिकट पर उतरे रामेश्वर तेली जीते.2006 में भी उनको जीत मिली.अब एक बार फिर उन्होंने इस सीट से चुनाव जीता है.रामेश्वर तेली चाय बागान श्रमिकों के समुदाय से आते हैं.इनका मंत्रिमंडल में शामिल होना राज्य के चाय श्रमिकों और पिछड़े वर्गों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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