- दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग की है
- केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की
- उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हुए कई राज्यों के चुनावों को रद्द कर दोबारा कराया जाए
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को मांग की कि SIR की पूरी प्रक्रिया रद्द की जाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. केजरीवाल ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है. उन्होंने पिछले कुछ सालों में हुए चुनावों को रद्द कर फिर से कराने की भी मांग की.
'ज्ञानेश कुमार को किया जाए गिरफ्तार'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हम मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए. पिछले कुछ सालों में जितने भी चुनाव हुए हैं, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए चुनावों को रद्द करके दोबारा कराया जाए.
केजरीवाल ने कहा, ‘कई महीनों से चुनाव आयोग की बैठकें नहीं हो रही हैं, जबकि ज्ञानेश कुमार अपने स्तर पर आदेश जारी करते रहे हैं. इसलिए पूरी एसआईआर प्रक्रिया अवैध है, जिसके तहत देशभर में 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं, क्योंकि चुनाव आयोग ने इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकृति नहीं दी है.'
#WATCH | दिल्ली | AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 23, 2026
उन्होंने कहा, "...आज हम इस प्रेस वार्ता के जरिए मांग करते हैं कि ज्ञानेश… pic.twitter.com/Hsg1Po9Qe3
'रद्द की जाए SIR प्रक्रिया'
AAP प्रमुख ने कहा, ‘इसलिए आज हम मांग करते हैं कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जाए, एसआईआर के तहत किए गए सभी बदलाव रद्द किए जाएं और तीन साल पहले की मतदाता सूची बहाल की जाए. उन्होंने कहा कि कुमार को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए.
केजरीवाल ने दावा किया कि ‘इंडियन एक्सप्रेस' की खबर के अनुसार, कुमार पिछले कुछ सालों से चुनाव आयोग को अपने स्तर पर चला रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने बार-बार लिखित शिकायतें दी हैं कि चुनाव आयोग की मंजूरी या अधिकृत अनुमति के बिना उनके अधीनस्थ अधिकारियों को आदेश जारी किए जा रहे हैं.'
'देश में इससे बड़ा घोटाला नहीं हो सकता'
उन्होंने कहा, ‘इस देश में इससे बड़ा घोटाला नहीं हो सकता. यदि पूरी मतदाता सूची चुनाव आयोग के केंद्रीय कार्यालय से तैयार की जा रही है और इसे चुनाव अधिकारी या एसडीएम द्वारा तैयार नहीं किया जा रहा है, तो जरूर पूरे देश की मतदाता सूची से छेड़छाड़ की गयी है.'
वहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने अलग-अलग राज्यों में वोटर लिस्ट को ठीक किए जाने और मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन के दौरान लिए गए फैसलों पर आपत्ति जताई थी.
बहरहाल, चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि एसआईआर सहित भारत चुनाव आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से और दोनों चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त की मंजूरी से लिए गए हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं