उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने इंडिया गठबंधन में शामिल होने को लेकर बड़ा बयान दिया है. NDTV से खास बातचीत में मौर्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने को लेकर फिलहाल कोई बातचीत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि फिलहाल बातचीत उनकी पार्टी के इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनने को लेकर हुई है. हालांकि, इसके साथ ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने इंडियो गठबंधन के बड़े पार्टनर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर समाजवाद पर दाग लगाने का बयान दे, कांग्रेस की मुश्किलें यकीनन बढ़ा दी हैं.
स्वामी प्रसाद मौर्य का कांग्रेस से दोस्ती और अखिलेश यादव पर वार की राजनीति से इंडिया गठबंधन में बड़ी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं. बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर ही अपनी पार्टी का गठन किया था. अलग होने की वो कड़वाहट अभी तक स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों में सुनाई देती है. स्वामी प्रसाद मौर्य का कहना है, "अखिलेश ने समाजवाद पर दाग लगाया है ये भी वो कह रहे हैं उद्योगपति को राज्यसभा भेजना समाजवाद पर एक बड़ा दाग है. ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला, जो अखिलेश यादव ने किया है."
राहुल गांधी से क्या हुआ बात?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में सक्रिय भूमिका निभा रही है. ऐसे में पार्टी को खत्म करने या किसी दूसरी पार्टी में विलय करने का सवाल नहीं है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य देश में एक नया राजनीतिक विकल्प खड़ा करना है और यह राहुल गांधी के नेतृत्व में ही संभव हो सकता है. मौर्य के मुताबिक, राहुल गांधी के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनकर संघर्ष में साथ देने की इच्छा जताई. स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि राहुल गांधी ने उनका स्वागत किया और गठबंधन के अन्य नेताओं से बातचीत करने की बात कही. मौर्य ने कहा कि अभी पहली औपचारिक बातचीत हुई है और आगे गठबंधन के स्वरूप को लेकर चर्चा होगी.
कांग्रेस में विलय की अटकलों पर स्थिति साफ
कांग्रेस में अपनी जनता पार्टी के विलय की अटकलों को खारिज करते हुए मौर्य ने कहा कि विलय को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई. उन्होंने साफ किया कि बातचीत सिर्फ इंडिया गठबंधन में शामिल होने को लेकर हुई है. सीटों के बंटवारे और गठबंधन के भविष्य के स्वरूप पर आगे मिलकर फैसला किया जाएगा. कांग्रेस की ओर से उत्तर प्रदेश में 150 से अधिक सीटों की मांग किए जाने के सवाल पर मौर्य ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और केंद्र में बीजेपी के विकल्प के रूप में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने राहुल गांधी को भी भविष्य का प्रमुख चेहरा बताया.
हालांकि, उन्होंने कांग्रेस के लिए सीटों की संख्या तय करने पर टिप्पणी करने से इनकार किया. मौर्य ने कहा कि चूंकि वह अभी तक इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं थे, इसलिए सीट बंटवारे के मुद्दे पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. उनके मुताबिक, गठबंधन में शामिल सभी दलों को मिल-बैठकर इस पर विचार करना चाहिए. उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को इंडिया गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने के सवाल पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी को पहले से मुख्यमंत्री घोषित करने का अंतिम अधिकार राजनीतिक दलों के पास नहीं, बल्कि जनता के पास है.
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मौर्य ने कहा कि सरकार किसकी बनेगी और किसे कितना बहुमत मिलेगा, इसका फैसला चुनाव के दौरान जनता करेगी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास करने वाले लोगों को जनता के जनादेश का इंतजार करना चाहिए. स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग चुनाव परिणाम को लेकर पहले से गारंटी देते हैं, वे अलग बात है, लेकिन उनकी पार्टी लोकतंत्र और जनता के फैसले में विश्वास करती है. उन्होंने जोर दिया कि मुख्यमंत्री और सरकार का अंतिम फैसला चुनाव के बाद जनता के जनादेश से ही होगा.
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