फुकेत से दिल्ली आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 का मामला बढ़ता जा रहा है. 4 अगस्त को ये फ्लाइट टर्बुलेंस की चपेट में आ गई थी, जिस कारण 20 लोग घायल हो गए थे. जब पायलट का डोप टेस्ट किया गया तो पता चला कि वह गांजा के नशे में था. लेकिन अब जो जानकारी सामने आई है, उससे पता चलता है कि एअर इंडिया ने इस घटना को बहुत हल्के में दिखाया था, जबकि मामला बहुत गंभीर था.
एअर इंडिया ने शुरुआत में दावा किया था कि फ्लाइट में सिर्फ हल्का टर्बुलेंस आया था, लेकिन मेंटेनेंस रिपोर्ट ने इस दावे की पोल खोल दी. 4 तारीख को दिल्ली में लैंड करने के बाद फ्लाइट की जब जांच की गई तो सामने आया कि इसमें कई सारी गड़बड़ियां थीं. NDTV के पास लैंडिंग के बाद की मेंटेनेंस रिपोर्ट है. फिर भी दो घंटे बाद एअर इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि सिर्फ टर्बुलेंस आया था. ऐसे में सवाल उठता है कि एअर इंडिया ने इस बात को क्यों छिपाया?
🔴#BREAKING | AI-2379 फुकेट-दिल्ली फ्लाइट पर NDTV का बड़ा खुलासा: हवा में फेल हुए तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम, उड़ते प्लेन में बंद हुआ ऑटोपायलट#AirIndia #FlightSafety | @ashutoshjourno pic.twitter.com/dNvBgTxfi6
— NDTV India (@ndtvindia) August 12, 2026
क्या-क्या हुआ था उस दिन?
NDTV के पास वह मेंटेनेंस रिपोर्ट है, जिसे 4 अगस्त की सुबह 11:14 बजे तैयार किया गया था. इस रिपोर्ट के मुताबिक:-
- सुबह 9:32 बजे: कई हाइड्रोलिक सिस्टम वॉर्निंग एक साथ आईं, जिनमें ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम में कम प्रेशर दिखाया गया.
- सुबह 9:32 बजे: ऑटोपायलट अपने आप बंद हो गया और एलिवेटर कंट्रोल में खराबी का इंडिकेटर मिला. इसी समय येलो और ब्लू हाइड्रोलिक रिजर्वोयर के लिए कम फ्लूइड लेवल की वॉर्निंग भी दिखाई दी.
- सुबह 9:33 और 9:35 बजे: कुछ समय बाद ही दो इमरजेंसी एग्जिट डोर वॉर्निंग आईं. पहली सुबह 9:33 बजे राइट साइड के दरवाजे पर और दूसरी सुबह 9:35 बजे राइट साइड के पिछले दरवाजे पर.
- सुबह 10:16 बजे: इजन 1 के एंटी-आइस सिस्टम में वॉल्व प्रेशर की समस्या से जुड़ी खराबी दिखाई दी. थोड़ी देर बाद 10:52 बजे ऑटोपायलट फिर डिस्कनेक्ट हो गया.

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एअर इंडिया ने कम करके क्यों दिखाया?
दिल्ली में लैंडिंग के बाद तैयार हुई मेंटेनेंस रिपोर्ट में जब इतनी सारी गड़बड़ियां सामने आईं तो फिर एअर इंडिया ने इस घटना को इतना कम करके क्यों दिखाया?
4 अगस्त को दोपहर 1:14 बजे जब एअर इंडिया ने बयान जारी किया तो उसमें हाइड्रोलिक सिस्टम में बड़ी खराबी का कोई जिक्र तक नहीं था. बल्कि, एअर इंडिया ने इसे 'टर्बुलेंस' से जुड़ी घटना बताया.
इसके 5 घंटे बाद शाम 6:55 बजे एअर इंडिया ने एक और बयान जारी किया, जिसमें 'टर्बुलेंस' का जिक्र नहीं था. इस बयान में एअर इंडिया ने कहा कि फ्लाइट AI2379 अचानक नीचे आने लगा. इस घटना के बाद फ्लाइट सामान्य रूप से उड़ती रही और 11:07 बजे दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर गई.
एअर इंडिया ने बताया कि इस विमान में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे. इस घटना में 13 यात्रियों और 4 क्रू मेंबर्स को चोटें आईं और उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया.
इस बयान में कहीं भी एअर इंडिया ने यह नहीं बताया कि विमान में गंभीर तकनीकी समस्याएं आई थीं, जबकि शाम तक तो उसे पता चल गया होगा कि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे और कुछ की हड्डियां तक टूट गई थीं.
पायलट भी नशे में था
दिल्ली में फ्लाइट की लैंडिंग के बाद जब पायलट का डोप टेस्ट किया गया, तो वह उसमें पॉजिटिव पाया गया. कुछ समय बाद एक और टेस्ट किया गया और वह भी पॉजिटिव आया. रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ट में इस बात कि पुष्टि हुई कि पायलट ने गांजे का सेवन किया था.
NDTV को मिली एअर इंडिया की इंटरनल फ्लाइट सेफ्टी रिपोर्ट के अनुसार, पायलट 'नींद न आने की समस्या' के लिए दवा ले रहा था.
पायलट ने फ्लाइट सेफ्टी से जुड़े एक बयान में कहा है कि वह कुछ समय से निजी कारणों से नींद न आने की समस्या हो रही थी, इसलिए फैमिली डॉक्टर ने दवा दी थी.
सूत्रों का कहना है कि जब प्लेन अचानक 300 फीट नीचे गिरा, तो पायलट अपनी सीट पर नहीं थे और को-पायलट प्लेन उड़ा रहे थे. प्लेन बुरी तरह हिलने लगा था. जिन लोगों ने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, उन्हें गंभीर चोटें आईं. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.
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