Why Pilots Are Not Allowed Perfume: पायलट की नौकरी में सिर्फ विमान उड़ाना ही चुनौती नहीं है, बल्कि उड़ान से पहले कई तरह की जांच से गुजरना भी जरूरी होता है. शराब और नशीले पदार्थों को लेकर तो नियम बेहद सख्त हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि परफ्यूम जैसी आम चीज भी पायलटों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है? इसकी वजह खुशबू नहीं, बल्कि कई परफ्यूम में मौजूद अल्कोहल है. हाल ही में एयर इंडिया के एक पायलट के मारिजुआना टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद एक बार फिर पायलटों की फिटनेस और नशे से जुड़े नियम चर्चा में हैं.
परफ्यूम का पायलटों से क्या कनेक्शन है?
पायलट और केबिन क्रू की उड़ान से पहले ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट होता है. इस जांच का मकसद यह पता लगाना होता है कि क्रू सदस्य ने शराब का सेवन तो नहीं किया है. DGCA के नियमों के अनुसार, क्रू को ब्रीथ एनालाइजर जांच से गुजरना पड़ता है. यहीं से परफ्यूम का कनेक्शन आता है. ज्यादातर परफ्यूम और कोलोन में अल्कोहल होता है. अगर टेस्ट से पहले शरीर या मुंह के आसपास अल्कोहल वाला कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल किया गया हो, तो ब्रीथ एनालाइजर की रीडिंग प्रभावित होने की आशंका रहती है.
क्या पायलटों के लिए परफ्यूम पर रोक है?
पायलटों के लिए परफ्यूम को लेकर यह बात 2023 में चर्चा में आई थी. उस समय DGCA के ड्राफ्ट नियम में अल्कोहल वाले परफ्यूम, माउथवॉश और टूथ जेल जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करने की बात कही गई थी. वजह थी कि इनमें मौजूद अल्कोहल ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट को प्रभावित कर सकता है और पॉजिटिव रीडिंग आ सकती है. हालांकि, बाद में इस लिस्ट में परफ्यूम को अलग से नहीं रखा गया. लेकिन, अल्कोहल वाले प्रोडक्ट्स से बचना व सावाधनी बरतना जरूरी है. क्योंकि इनकी वजह से ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट प्रभावित हो सकता है.
सीधी सी बात है. अगर किसी परफ्यूम में अल्कोहल है, तो उसे उड़ान से ठीक पहले इस्तेमाल करना ब्रीथ एनालाइजर जांच के लिहाज से जोखिम पैदा कर सकता है. यही वजह है कि पायलटों के बीच उड़ान से पहले ऐसे प्रोडक्ट से बचने की सावधानी देखने को मिलती है. यानी मामला परफ्यूम की खुशबू का नहीं, उसमें मौजूद अल्कोहल का है.
एयर इंडिया के गांजा केस के बाद चर्चा में ये विषय
हाल ही में फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 में उड़ान के दौरान करीब 300 फीट की अचानक ऊंचाई में कमी आई थी. विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे. घटना में कुछ यात्री और क्रू सदस्य घायल हुए. बाद में कैप्टेन की साइकोएक्टिव पदार्थों की शुरुआती जांच में आगे टेस्ट की जरूरत सामने आई. रॉयटर्स ने 11 अगस्त को एक सूत्र के हवाले से बताया कि कन्फर्मेटरी टेस्ट में कैप्टेन का सैंपल मारिजुआना के लिए पॉजिटिव आया.
पायलटों के लिए ये नियम इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उड़ान के दौरान उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति सीधे विमान में बैठे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी होती है. इसी वजह से उड़ान से पहले अल्कोहल की जांच से लेकर साइकोएक्टिव पदार्थों की स्क्रीनिंग तक कई तरह की सावधानियां बरती जाती हैं.
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