जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने शुक्रवार रात राज्य सरकार को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के संबंध में सूचित किया था।
श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने शुक्रवार रात राज्य सरकार को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के संबंध में सूचित किया था।
उमर ने लोगों से राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उमर ने संवाददाताओं से कहा, केंद्रीय गृहमंत्री ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे मुझे फोन किया था और मुझे अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय से अवगत कराया था।
कश्मीर घाटी के सोपोर से ताल्लुक रखने वाले अफजल को शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दी गई। उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में उसकी बैरक से कुछ मीटर की दूरी पर फांसी दी गई। वह इस जेल में 2001 से बंद था। उमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से फांसी के बाद की स्थितियों से निपटने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि इस निर्णय को लेकर थोड़ी नाराजगी है और कुछ लोग इन स्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। मैं संयम बरतने का आग्रह करता हूं। उमर ने कहा, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह के हिंसक विरोध का सहारा न लें। मैं मीडिया से भी अपील करता हूं कि वह पुख्ता जांच के बाद खबरें दे और अफवाहों को जगह न दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अब तक सेना की मदद नहीं ली गई है।
इस बीच, राज्य में केबल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है।
उमर ने लोगों से राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उमर ने संवाददाताओं से कहा, केंद्रीय गृहमंत्री ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे मुझे फोन किया था और मुझे अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय से अवगत कराया था।
कश्मीर घाटी के सोपोर से ताल्लुक रखने वाले अफजल को शनिवार सुबह आठ बजे फांसी दी गई। उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल में उसकी बैरक से कुछ मीटर की दूरी पर फांसी दी गई। वह इस जेल में 2001 से बंद था। उमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से फांसी के बाद की स्थितियों से निपटने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम करने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि इस निर्णय को लेकर थोड़ी नाराजगी है और कुछ लोग इन स्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। मैं संयम बरतने का आग्रह करता हूं। उमर ने कहा, मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे किसी भी तरह के हिंसक विरोध का सहारा न लें। मैं मीडिया से भी अपील करता हूं कि वह पुख्ता जांच के बाद खबरें दे और अफवाहों को जगह न दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। अब तक सेना की मदद नहीं ली गई है।
इस बीच, राज्य में केबल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है।
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