विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान
नई दिल्ली:
- हम लक्ष्य को निशाना बनाते हैं. वायुसेना मारे गए लोगों की गिनती नहीं किया करती. यह काम सरकार करती है.
- अगर हम किसी लक्ष्य पर निशाना साधने की योजना बनाते हैं, तो हम उसे निशाना बनाते हैं, वरना क्यों उन्होंने (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने) जवाब दिया होता. अगर हमने जंगल में बम गिराए होते, तो वह क्यों जवाब देते?
- मिग-21 बाइसन एक सक्षम विमान है, इसे अपग्रेड कर दिया गया है, इसका राडार बेहतर है, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और बेहतर हथियार सिस्टम हैं.
- एक होता है प्लान्ड ऑपरेशन, जिसमें आप योजना बनाकर उसे कार्यान्वित करते हैं. लेकिन जब दुश्मन आप पर हमला करता है, हर उपलब्ध विमान को भेज दिया जाता है, यह देखे बिना कि यह कौन-सा विमान है. सभी विमान दुश्मन से लड़ने में सक्षम हैं. ऑपरेशन अब भी जारी है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा.
- भारतीय वायुसेना इस स्थिति में नहीं है कि वह मारे गए लोगों की गिनती बता सके. सरकार इसके बारे में बताएगी.
- हम यह नहीं गिना करते कि कितने लोग मारे गए, हम यह गिनते हैं कि जो लक्ष्य हमें दिए गए थे, उन्हें हमने निशाना बनाया या नहीं.
- वह (विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान) अब विमान उड़ाएंगे या नहीं, यह उनकी मेडिकल फिटनेस पर निर्भर करता है.
- इसीलिए बाहर आने के बाद उनका मेडिकल परीक्षण किया गया जो भी इलाज ज़रूरी होगा, करवाया जाएगा. जब वह मेडिकल फिटनेस हासिल कर लेंगे, वह फिर लड़ाकू विमान के कॉकपिट में जा सकेंगे.
- हमें हमारे इलाके में AMRAAM मिसाइल के टुकड़े मिले, जो हमने दिखाए थे, तो ज़ाहिर है, मेरे विचार में उन्होंने (पाकिस्तान ने) इस जंग में एक एफ-16 विमान खो दिया है, इससे साफ है वे हमारे खिलाफ इस विमान का इस्तेमाल करते रहे हैं.
- मैं नहीं जानता, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच क्या समझौता है अगर समझौता यह है कि वह उसका (एफ-16 का) इस्तेमाल हमले के लिए नहीं करेंगे, तो मुझे लगता है, उन्होंने समझौते का उल्लंघन किया है.
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