यह ख़बर 10 जुलाई, 2014 को प्रकाशित हुई थी

आप पार्टी ने केंद्रीय बजट की आलोचना की, निराश करने वाला बताया

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय बजट को निराश करने वाला बजट बताते हुए कहा कि इसने समाज के किसी भी तबके को कुछ नहीं दिया है और यह भ्रष्टाचार, महंगाई तथा संभावित सूखे जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर नाकाम रहा है।

पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने को बताया, 'लोगों को बजट से बहुत उम्मीदें थी, लेकिन इसने निराश कर दिया। बजट उम्मीद की आखिरी किरण थी। भ्रष्टाचार, महंगाई से लड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है तथा हालात से निपटने के लिए कोई कोशिश नहीं की गई है, जबकि खराब मॉनसून के चलते सूखा पड़ने की आशंका है।

आप नेता ने कहा कि बजट ने न तो गरीबों का भला किया है, ना ही मध्य वर्ग का और न ही इसने कॉरपोरेट क्षेत्र का ध्यान रखा। राजग और संप्रग के बीच कोई अंतर नहीं है।

केजरीवाल ने कहा, 'यदि आप अपनी आंखे बंद कर लें और जेटली को ठीक से सुनें तो आप को लगेगा कि यह चिदंबरम बोल रहे हैं।' दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बजट में कुछ नहीं है। सरकार ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कुछ नहीं कहा है।'

बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेश निवेश की इजाजत देने को लेकर भी केजरीवाल ने भाजपा की आलोचना की। 'इन दिनों और चुनाव के पहले भाजपा ने कहा था कि वह बीमा क्षेत्र में एफडीआई की इजाजत नहीं देगी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि वह रेलवे के निजीकरण की इजाजत नहीं देंगे। लेकिन भाजपा सत्ता में आने के बाद पूरी तरह से अपनी बात से पलट गई है।'

बजट में राष्ट्रीय राजधानी में बिजली क्षेत्र में सुधारों के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं और पानी आपूर्ति में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी को जलापूर्ति की समस्या के हल के लिए लंबे समय से लंबित रेणुका बांध के निर्माण को वरीयता दी गई है जिसके लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

इस बारे में केजरीवाल ने कहा, '200 करोड़ रुपये में सरकार किस तरह का सुधार करेगी। इसके बजाय इसे लोगों को बिजली पर सब्सिडी देनी चाहिए और पानी मुफ्त में उसी तरह से देना चाहिए जैसे कि हमनें आप के सत्ता में रहने के दौरान किया था।'

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


उन्होंने रेल बजट को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सीट बढ़ाने, समयबद्धता पर जोर देने की बजाय मोदी ने अहमबदाबाद और मुंबई के बीच हाई स्पीड ट्रेन को वरीयता दी। पूरा ध्यान इस 60,000 करोड़ रुपये की परिजयोना पर था।