ओडिशा के मलकानिरी में एक बड़े माओवादी ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है. सरेंडर करने वाले कैडर की पहचान सुखराम मरकाम उर्फ सुरेश उर्फ योगेश के रूप में हुई है, जो एरिया कमेटी का सदस्य था और कई सालों से जिले में सक्रिय था. सरेंडर के दौरान उसने एक SLR राइफल, एक मैगज़ीन, 7.62 mm के 12 राउंड गोला-बारूद और लगभग दो किलोग्राम के दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) सौंपे.पुलिस के अनुसार कि माओवादी नेता ने औपचारिक रूप से हिंसा छोड़ दी, चरमपंथी गतिविधियों से संबंध तोड़ लिए और मुख्यधारा में शामिल होकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताया.
ओडिशा पुलिस ने दावा किया कि उसके सरेंडर से मलकानगिरी जिला प्रभावी रूप से नक्सल मुक्त हो गया है.पुलिस ने बताया कि सुखराम मरकाम कथित तौर पर अपहरण, हमला, सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी, सशस्त्र डकैती, हत्या और IED विस्फोट सहित कई आपराधिक मामलों में शामिल था.ओडिशा सरकार की सरेंडर-सह-पुनर्वास नीति के अनुसार, सरेंडर करने वाले कैडर को 21 लाख रुपये तक के लाभ मिलेंगे। 25,000 रुपये की अंतरिम राहत पहले ही दी जा चुकी है. अतिरिक्त सहायता में अंत्योदय गृह योजना के तहत एक घर, 25,000 रुपये का एकमुश्त विवाह प्रोत्साहन,36 महीने तक 10,000 रुपये मासिक वजीफे के साथ शॉर्ट-टर्म स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों में मुफ्त नामांकन,हेल्थ कार्ड कवरेज और सरकारी कल्याण योजनाओं के तहत मुफ्त या रियायती राशन तक पहुंच शामिल है.
मलकानगिरी एसपी बिनोद पाटिल एच ने कहा, प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के एरिया कमेटी सदस्य मरकाम ने एक SLR राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामान भी सौंपे. ऑपरेशनल और वैचारिक CPI (माओवादी) नेता के इस सरेंडर से जिले में लाल विद्रोहियों को आखिरी झटका लगा है, जिससे मलकानगिरी नक्सल मुक्त हो गया है.एसपी ने आगे कहा कि ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हिंसा की कई घटनाओं में शामिल मरकाम ने मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वाले माओवादी ने वामपंथी चरमपंथी समूह से संबंध तोड़ लिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताया. सुखराम को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत दिए जाने वाले सभी फायदे मिलेंगे.
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