भारत-जापान सालाना शिखर वार्ता गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम सनाए ताकाइची की मौजूदगी में हुआ. दोनों देशों की साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, जापान और भारत की अर्थव्यवस्था एक दूसरे के पूरक हैं. हमारी संस्कृति और सोच में समानता है. हमारा आपसी विश्वास सबसे बड़ी धरोहर है. भारत-जापान के बीच बायोटेक क्षेत्र में बड़े समझौते हैं. आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भी करार हुआ है. भारत की विकास यात्रा में जापान अहम भागीदार है. माना जा रहा है कि इन समझौतों से जापान से भारत में 10 अरब डॉलर का निवेश आएगा.
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री तकाइची की इस यात्रा के साथ, हम अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. आज, भारत और जापान दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं. एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियमों पर आधारित 'इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र हमारी साझा प्राथमिकता है.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ ही दिन पहले G7 समिट में मैंने कहा था कि वैश्विक उथल-पुथल के आज के माहौल में आपसी विश्वास हमारी सबसे बड़ा रणनीतिक संपत्ति है। मुझे गर्व है कि भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है...आज भारत और जापान दोनों ही विश्व की… pic.twitter.com/Hu1VChWdrS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 2, 2026
पीएम मोदी ने कहा, इस क्षेत्र की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर हमने आज कई महत्वपूर्ण पहल की हैं. ये सामूहिक प्रयास पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे. प्रधानमंत्री तकाइची और मेरा मानना है कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में साझेदारी हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी. इस विजन को साकार करने के लिए, आज हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक संयुक्त बयान भी जारी किया है.
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