योगी आदित्यनाथ पहली बार लड़ेंगे यूपी विधानसभा चुनाव, दिए ये संकेत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑफ रिकॉर्ड में मीडिया से कहा है कि वो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. लेकिन वो किस सीट से चुनाव लड़ेंगे इसका जवाब उन्होंने नहीं दिया है.

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑफ रिकॉर्ड में मीडिया से कहा है कि वो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. लेकिन वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे इसका जवाब उन्होंने नहीं दिया है. मीडिया ने जब उनसे सवाल किया कि वे किस सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि पार्टी जहां से कहेगी मैं वहां से लड़ूंगा. किसी सीट के लिए मेरी कोई निजी पसंद नहीं है. मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ही जीतेगी. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 300 से ज्यादा सीटें आएंगी. बता दें कि अगर योगी आदित्यनाथ इस बार विधानसभा चुनाव में खड़े होंगे तो ये उनका पहला विधानसभा चुनाव होगा.

योगी आदित्यनाथ 2014 के आम चुनाव में गोरखपुर से सांसद चुने गए थे. लेकिन जब वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने बाद में विधान परिषद की सदस्यता ली.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की रात में स्पष्ट किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि वह कहां से चुनाव मैदान में उतरेंगे, इस बात का फैसला भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व करेगा. योगी ने पत्रकारों से कहा, ''मेरे चुनाव लड़ने पर कोई संशय नहीं हैं. लेकिन मैं चुनाव कहां से लडूंगा इस बात का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा.'' योगी इस समय उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य हैं.

जब उनसे पूछा गया कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ेंगे या मथुरा से या गोरखपुर से, तब उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी जहां से कहेगी, मैं वहां से चुनाव लडूंगा.''

योगी से जब पूछा गया कि कोई ऐसा कार्य जो वह अपने पांच साल के कार्यकाल में नहीं कर पाए, उन्होंने कहा, ''जो हमने कहा था वह सब काम किए. ऐसा कोई काम नहीं बचा जिसका मुझे पश्चाताप हो.''

कुछ क्षेत्रों में विधायकों के प्रति नाराजगी होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''इस समय हमारी जनविश्वास यात्राएं निकल रही हैं. जनविश्वास यात्राएं हमारी तीन जनवरी को पूरी होने जा रही हैं. आप देखेंगे इसके बाद और भी अच्छा वातावरण प्रदेश में देखने को मिलेगा.''

जब मुख्यमंत्री योगी को यह बताया गया कि ऐसी चर्चा है कि मंत्रियों और विधायकों में यह डर है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कट सकता है, उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक विराट परिवार है. वहां व्यक्ति की भूमिका अलग-अलग समय में अलग-अलग होती है. यह आवश्यक नहीं कि एक व्यक्ति हमेशा सरकार में रहे. कभी वह संगठन का काम भी कर सकता हैं.''

‘चुनाव कब होंगे' इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका निर्णय चुनाव आयोग ही करेगा तथा चुनाव के समय कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा पालन किया जाएगा.

जब उनसे पूछा गया कि 2017 के चुनाव और 2022 में होने वाले चुनाव में क्या फर्क नजर आता हैं, उन्होंने कहा, ‘‘ 2017 में हम राज्य सरकार की नाकामियों पर लड़ रहे थे, इस बार राज्य की कामयाबियों को आगे रखकर चुनाव लड़ रहे हैं. राज्य सरकार ने विकास के कार्य किए हैं, उसी के आधार पर हम चुनाव लड़ रहे हैं.''

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के तीन सौ यूनिट बिजली मुफ्त करने संबंधी वादे पर उन्होंने कहा कि जनता जानती हैं कि 2017 से पहले प्रदेश के केवल पांच जिलों में ही बिजली आती थी. उत्तर प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नए साल के पहले दिन शनिवार को अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी अगर सत्ता में आती है तो लोगों को 300 यूनिट घरेलू बिजली मुफ्त मिलेगी और सिंचाई बिल माफ किया जायेगा. राज्य में 2017 से पहले सपा की सरकार थी.

जब योगी से पूछा गया कि कांग्रेस महिलाओं को स्कूटी देने की बात कह रही हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, ''राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी तो कांग्रेस की सरकार हैं वहां उसने कितने लोगों को स्कूटी दे दी है.''

गौरतलब है कि सीएम योगी आदित्यनाथ का मूल नाम अजय सिंह बिष्ट है. पांच जून 1972 को जन्मे आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त भी हैं. योगी ने 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद राज्य के 21वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इससे पहले वे सन 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतते रहे. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वे गोरखपुर से सांसद चुने गए थे. इसके बाद सन 2017 में हुए यूपी विधानसभा के चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया. योगी 2017 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे.   

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योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मन्दिर के पूर्व महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी हैं. वे हिन्दू युवाओं के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह हिन्दू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं. योगी की छवि एक प्रखर हिंदुत्ववादी और राष्ट्रवादी नेता के रूप में है.